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‘डील’ पर अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला: बोले- यह ‘डाल’ काटने जैसा कदम, देश को बना रहा परनिर्भर

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में कहा कि यह डील केवल कृषि और मजदूरी ही नहीं, बल्कि हर प्रकार के पैदावार, उद्योग और रोजगार के खिलाफ है। उन्होंने इसे “अदृश्य जंजीर” करार देते हुए आरोप लगाया कि पैसे के लालच में डूबे बिचौलियों की मानसिकता वाले कुछ लोग इसके वास्तविक प्रभाव को नहीं देख पा रहे हैं।

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
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‘डील’ पर अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला: बोले- यह ‘डाल’ काटने जैसा कदम, देश को बना रहा परनिर्भर

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने एक कथित ‘डील’ को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे देश की खेती, मजदूरी, उत्पादन, कारोबार और रोजगार के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह निर्णय भारत को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय परनिर्भरता की ओर धकेल रहा है। गुरुवार को अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा कि “ये ‘डील’ वो ‘डाल’ है, जिसको उस पर बैठने वाला ही काट रहा है।”

‘डील’ को बताया अदृश्य जंजीर

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में कहा कि यह डील केवल कृषि और मजदूरी ही नहीं, बल्कि हर प्रकार के पैदावार, उद्योग और रोजगार के खिलाफ है। उन्होंने इसे “अदृश्य जंजीर” करार देते हुए आरोप लगाया कि पैसे के लालच में डूबे बिचौलियों की मानसिकता वाले कुछ लोग इसके वास्तविक प्रभाव को नहीं देख पा रहे हैं। उन्होंने लिखा कि जिन शक्तियों ने पहले लोगों को “साक्षात जंजीरों में बांधकर” भेजा था, वे अब डील के जाल के माध्यम से देश को आर्थिक रूप से बांधने की कोशिश कर रही हैं।

स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर सवाल

सपा प्रमुख ने भाजपा के “स्वदेशी” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसे नारों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले स्वदेशी का नारा लगाते थे, वे अब चुप हैं। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता के स्थान पर भाजपा को अब ‘परनिर्भरता’ का नारा अपना लेना चाहिए।

राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत

अखिलेश यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ने के संकेत मिल रहे हैं। सपा जहां इस डील को देशहित के खिलाफ बता रही है, वहीं भाजपा की ओर से अब तक इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी परिदृश्य को देखते हुए इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।

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