गौतमबुद्धनगर: जिले के नागरिकों को सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से आगामी 1 नवंबर 2026, रविवार को जिला न्यायालय परिसर में मेगा शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर के जरिए लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, उनकी पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही, पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए जरूरी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
यह मेगा शिविर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में आयोजित किया जा रहा है। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गौतमबुद्धनगर के अध्यक्ष के निर्देशन में इस कार्यक्रम की तैयारियां की जा रही हैं। शिविर का प्रमुख उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना और पात्र व्यक्तियों को संबंधित विभागों की सेवाओं से जोड़ना है, ताकि जरूरतमंद नागरिक योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया को आसानी से समझ सकें।

मेगा शिविर में अलग-अलग सरकारी विभागों की ओर से स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉल के माध्यम से नागरिकों को विभागीय योजनाओं, लाभ प्राप्त करने की शर्तों और आवेदन से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी मिलेगी। संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं और सवालों का समाधान करने में मदद करेंगे। नागरिक अपनी जरूरत के अनुसार संबंधित विभाग से संपर्क कर सरकारी योजनाओं के लिए मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गौतमबुद्धनगर की सचिव शिवानी रावत ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से लोगों को उनकी जरूरत और पात्रता के अनुसार उपयुक्त जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया को सुगम बनाना है। शिविर में मिलने वाले मार्गदर्शन से नागरिक संबंधित विभागों की सेवाओं और योजनाओं के बारे में बेहतर जानकारी हासिल कर सकेंगे।
सचिव शिवानी रावत ने जनपद के लोगों से अपील की है कि वे 1 नवंबर को जिला न्यायालय परिसर में आयोजित होने वाले मेगा शिविर में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। उन्होंने नागरिकों से अपनी जरूरतों के अनुरूप योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और पात्रता के आधार पर संबंधित विभागों से संपर्क करने का आग्रह किया। यह शिविर सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पात्र लाभार्थियों को जनकल्याणकारी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।