उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 20 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में एडीजी, आईजी, डीआईजी और अपर पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तबादलों के जरिए लॉजिस्टिक्स, मानवाधिकार, सुरक्षा, भर्ती, भ्रष्टाचार निरोधक और पुलिस कमिश्नरेट जैसे महत्वपूर्ण विभागों में बदलाव किया गया है।
इस तबादला सूची के अनुसार रामकुमार को एडीजी लॉजिस्टिक्स बनाया गया है। राजकुमार को एडीजी मानवाधिकार की जिम्मेदारी दी गई है। ज्योति नारायण को एडीजी प्रयागराज जोन नियुक्त किया गया है, जबकि डॉ. संजीव गुप्ता को एडीजी यूपी पुलिस मुख्यालय, लखनऊ बनाया गया है। इसके अलावा प्रशांत कुमार को एडीजी प्रशासन, तरुण गाबा को एडीजी सुरक्षा उत्तर प्रदेश और आशुतोष कुमार को एडीजी पुलिस भर्ती बोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है।
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ में अपर्णा कुमार को संयुक्त पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। आईजी स्तर पर राजेश मोदक को आईजी स्थापना लखनऊ, आर.के. भारद्वाज को आईजी रेलवे लखनऊ और किरण एस को आईजी लखनऊ रेंज बनाया गया है।
भ्रष्टाचार निरोधक इकाई में आनंद कुलकर्णी को आईजी एंटी करप्शन लखनऊ नियुक्त किया गया है। वहीं अमित वर्मा को आईजी आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) लखनऊ और अखिलेश निगम को आईजी सीआईडी लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा एन. कोलांची को आईजी रेलवे प्रयागराज और राजीव मल्होत्रा को आईजी यूपी एसएफआईएस लखनऊ बनाया गया है।
डीआईजी स्तर पर रोहन पी. कनय को डीआईजी विशेष जांच लखनऊ, मोहम्मद इमरान को डीआईजी भवन एवं कल्याण लखनऊ और संतोष कुमार मिश्र को डीआईजी पीटीएस जालौन नियुक्त किया गया है। वहीं विजय ढुल को अपर पुलिस आयुक्त प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट बनाया गया है।
इन तबादलों को उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने, पुलिस प्रशासन में बेहतर समन्वय और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि नई तैनातियों से प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और गति मिलेगी।

