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दिवाली से पहले खाद्य विभाग की छापेमारी पर सपा व्यापार सभा ने खोला मोर्चा, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

दिवाली से पहले खाद्य विभाग की छापेमारी पर सपा व्यापार सभा ने खोला मोर्चा

दिवाली से पहले खाद्य विभाग की छापेमारी पर सपा व्यापार सभा ने खोला मोर्चा

Uttar Pradesh News: दीपावली के त्योहार से पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से की जा रही जांच को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बढ़ने लगी है। बता दें समाजवादी व्यापार सभा ने खाद्य विभाग की जांच के नाम पर छोटे व्यापारियों का उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया है। जिसमें संगठन का कहना है कि सैंपलिंग और निरीक्षण के नाम पर हलवाई, मिठाई विक्रेताओं और परचून दुकानदारों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।

जानकारी के लिए बता दें इस मुद्दे को लेकर आज सोमवार को समाजवादी व्यापार सभा कानपुर नगर के महानगर अध्यक्ष नन्दलाल जायसवाल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन के जरिए उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप करने और व्यापारियों को राहत दिलाने की मांग की है।

खाद्य विभाग की जांच में पारदर्शिता की उठाई मांग

समाजवादी व्यापार सभा ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि संगठन खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बनाए गए कानूनों का पूरी तरह समर्थन करता है, लेकिन इन कानूनों की आड़ में ईमानदारी से कारोबार करने वाले छोटे व्यापारियों को परेशान करना उचित नहीं है। संगठन ने कहा कि खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन जांच की प्रक्रिया भी निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।

छोटे व्यापारियों को अनावश्यक जांच से मिले राहत

संगठन ने राज्यपाल से मांग की है कि दीपावली के दौरान छोटे व्यापारियों के अनावश्यक निरीक्षण पर रोक लगाई जाए। साथ ही, खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने और जांच करने में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही व्यापारियों को डराने-धमकाने या अवैध वसूली की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

शिकायतों के समाधान के लिए बने व्यवस्था

समाजवादी व्यापार सभा ने व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों और कानूनों के प्रति जागरूक करने की भी मांग की है। जिससे संगठन का सुझाव है कि जिला स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था बनाई जाए, ताकि किसी भी तरह की समस्या होने पर व्यापारी अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचा सकें और उसका समय पर समाधान हो सके।

महानगर अध्यक्ष नन्दलाल जायसवाल का कहना है कि खाद्य सुरक्षा के नाम पर निर्दोष व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। इसमें उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल शुद्ध खाद्य सामग्री सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों की आजीविका और उनके सम्मान की रक्षा करना भी है। संगठन ने उम्मीद जताई कि राज्यपाल इस मामले में हस्तक्षेप कर व्यापारियों को राहत दिलाने के लिए उचित कदम उठाएंगे।

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