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संभावित बाढ़ को लेकर यूपी सरकार अलर्ट, मुख्य सचिव ने की व्यापक समीक्षा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 44 बाढ़ संभावित जिलों के जिलाधिकारी बैठक में शामिल हुए। बैठक में राहत एवं बचाव तैयारियों, आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा आपदा प्रबंधन की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ प्रभावित सभी जनपदों में राहत शिविरों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए तथा आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में घर-घर संपर्क अभियान चलाकर लोगों को बाढ़ से बचाव और आपदा के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक किया जाए।

उन्होंने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के संसाधनों का स्थानीय नाविकों एवं प्रशिक्षित तैराकों के सहयोग से प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी जर्जर सरकारी भवनों की पहचान कर उनकी समयबद्ध मरम्मत कराने तथा बाढ़ प्रबंधन से जुड़े सभी आवश्यक टेंडरों की प्रक्रिया तत्काल पूरी करने को कहा।

मुख्य सचिव ने राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, बिजली तथा महिलाओं और बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में प्रभावित लोगों की गरिमा और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाए तथा प्रत्येक संवेदनशील क्षेत्र में मॉडल फ्लड शेल्टर विकसित किए जाएं।

बैठक में मौसम पूर्वानुमान और अर्ली वार्निंग सिस्टम के आधार पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने, मीडिया को समय-समय पर प्रमाणिक एवं अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से नियमित जनसूचनाएं साझा करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा जलमग्न गांवों में स्थानीय स्वयंसेवकों की सक्रिय तैनाती और जनप्रतिनिधियों को लगातार क्षेत्रीय स्थिति से अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए। शहरी क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए अलग रणनीति अपनाने पर भी बल दिया गया।

बैठक के दौरान जिलाधिकारियों को बाढ़ प्रबंधन के लिए उपलब्ध आधुनिक डिजिटल प्लानिंग टूल्स की जानकारी भी दी गई। इनमें 17 वर्षों का फ्लड फ्रिक्वेंसी एनालिसिस-2026, फ्लड वार्निंग रिपोर्ट, मल्टी-एजेंसी फोरकास्टिंग रिपोर्ट, जीआईएस आधारित उच्च भूमि का डेटा, नदी बेसिनवार बाढ़ पहुंचने के समय का विश्लेषण (Time of Arrival Analysis), पीएम गतिशक्ति के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर एवं कनेक्टिविटी डेटा, नाव एवं नाव मालिकों का डेटाबेस, फ्लड प्रिपेयर्डनेस चेकलिस्ट और आपदा मित्रों की तैनाती जैसे महत्वपूर्ण उपकरण शामिल हैं।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए, ताकि जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखा जा सके।

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