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आरोपी से वकील को मिली फीस को अपराध की कमाई नहीं कहा जा सकता : इलाहाबाद हाई कोर्ट 

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि किसी अभियुक्त द्वारा अपने वकील को पेशेवर सेवाओं के बदले दी गई फीस को केवल इस आधार पर ‘अपराध की आय’ नहीं माना जा सकता कि भुगतान आरोपित ने किया है।

जब तक अधिवक्ता स्वयं किसी आपराधिक कृत्य में शामिल न हो तब तक उसकी पेशेवर फीस को ‘अपराध की आय’ नहीं कहा जा सकता। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने पुलिस की साइबर सेल द्वारा कानपुर के वकील आयुष वाजपेयी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की है।

साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव (गृह) से व्यक्तिगत शपथपत्र तलब किया है। पूछा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था करेगी कि पुलिस अधिकारी बैंक अकाउंट फ्रीज करने की अपनी शक्तियों का ऐसा उपयोग न करें, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और अदालतों के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।

अगली सुनवाई 17 जुलाई 2026 को होगी।आयुष वाजपेयी की ओर से कहा गया कि साइबर सेल ने फर्जी लेनदेन का हवाला देकर उनका बैंक खाता फ्रीज कर दिया है, जबकि खाते में जमा राशि उनके मुवक्किल से मिली पेशेवर फीस थी।

अदालत ने कहा कि ‘कोई वकील किसी बड़े घोटाले या धोखाधड़ी के आरोपित का भी बचाव कर सकता है, लेकिन यदि ऐसा आरोपित अपने वकील के अकाउंट में फीस जमा करता है तो उस राशि को अपराध की आय नहीं कहा जा सकता।’ कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राशि अधिवक्ता की वैध पेशेवर आय है।

यदि किसी राशि के जमा होने पर वकील का बैंक अकाउंट यह कहकर फ्रीज कर दिया जाए कि वह साइबर धोखाधड़ी या किसी अन्य अपराध की आय है तो वकीलों के लिए अपने पेशेवर दायित्व निभाना अत्यंत कठिन हो जाएगा।

खालसा मेडिकल स्टोर और मारूफा बेगम केस में दो खंडपीठों के फैसलों का हवाला देते हुए कोर्ट ने दोहराया कि किसी संदिग्ध या फर्जी लेनदेन के आधार पर साइबर सेल पूरे बैंक अकाउंट को फ्रीज नहीं कर सकती। केवल संदिग्ध लेनदेन या अपराध से जुड़ी राशि पर ही कार्रवाई की जा सकती है।

अदालत ने पाया कि स्टेट बैंक आफ इंडिया की कानपुर के कृष्णानगर शाखा में याची अधिवक्ता के अकाउंट में 18 मार्च 2026 को 20 हजार रुपये और 23 अप्रैल 2026 को 3700 रुपये दो बार अलग-अलग क्रेडिट हुए थे। खाते में कुल बैंलेस 1,03,071 रुपये है। कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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