गौतमबुद्धनगर। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में संभावित आपातकालीन घटनाओं से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें आपदा प्रबंधन, आपसी समन्वय और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा की गई।
एनडीआरएफ ने बताई आपातकालीन तैयारियों की रूपरेखा
बैठक के दौरान राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के अधिकारियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में संभावित दुर्घटनाओं से निपटने की कार्ययोजना की जानकारी दी। अधिकारियों ने मॉक ड्रिल के महत्व और आपात स्थिति में विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों की जिम्मेदारियों के बारे में भी बताया। मॉक ड्रिल के माध्यम से आपातकालीन व्यवस्थाओं की तैयारियों का आकलन करने और जरूरत के अनुसार कमियों को दूर करने पर जोर दिया गया।
सभी विभागों को आपसी समन्वय के निर्देश
अपर जिलाधिकारी अजीत कुमार सिंह ने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही, नियमित मॉक ड्रिल के जरिए अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों को परखने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष तैयारी
बैठक में स्वास्थ्य विभाग को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम रखने को कहा गया। जरूरत के अनुसार मेडिकल टीमों की तैनाती, एंबुलेंस की उपलब्धता, दवाओं और अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य है कि औद्योगिक क्षेत्र में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
इस बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी रजनीकांत मित्तल, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. वंदना रानी, जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों में संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए विभागीय समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।

