मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की पावन जन्मभूमि मथुरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास और धार्मिक विरासत से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सहभागिता की। साधु-संतों और धर्माचार्यों की मौजूदगी में उन्होंने स्वामी श्री हरिदास प्रेक्षागृह सहित कुल ₹1,051 करोड़ की लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वैष्णव भक्ति और संगीत परंपरा में स्वामी हरिदास जी महाराज के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि स्वामी हरिदास ने भक्ति को संगीत से जोड़ा और संगीत को साधना के रूप में स्थापित करते हुए इसे समाज की चेतना तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
विकास परियोजनाओं से मथुरा को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई और लोकार्पित परियोजनाओं से मथुरा में बुनियादी सुविधाओं, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के जरिए ब्रज क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने का प्रयास किया गया है।
7,240 लाभार्थियों को मिली योजनाओं की सहायता
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 और मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के 7,240 लाभार्थियों को सहायता राशि वितरित की गई। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के पात्र लोगों को प्रमाण-पत्र, चेक और ट्रैक्टर की चाबी भी सौंपी गई। सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने हिस्सा लिया।
‘ECHOES OF DIVINITY’ पुस्तक का हुआ विमोचन
कार्यक्रम में ब्रजभूमि और भगवान श्रीकृष्ण की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाने वाली पुस्तक ‘ECHOES OF DIVINITY’ का भी विमोचन किया गया। पुस्तक के माध्यम से ब्रज की धार्मिक परंपरा और श्रीकृष्ण से जुड़ी आध्यात्मिक विरासत को सामने लाने का प्रयास किया गया है।
आस्था और विकास का संगम बना कार्यक्रम
मथुरा में आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ विकास कार्यों को जोड़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। एक ओर स्वामी हरिदास की भक्ति एवं संगीत साधना की परंपरा को सम्मान मिला, वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं और सरकारी योजनाओं के लाभ के जरिए आम लोगों तक विकास पहुंचाने का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं दीं और प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की मंगलकामनाएं प्रेषित कीं।

