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सीएम योगी के नेतृत्व में ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’, महिला आरक्षण पर विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा मुख्यमंत्री आवास से शुरू होकर उत्तर प्रदेश विधानसभा तक निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak और Keshav Prasad Maurya भी मौजूद रहे।

यह पदयात्रा लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जोड़ा जा रहा है, के पारित न होने के विरोध में आयोजित की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि यह आक्रोश मार्च महिलाओं की भावनाओं और उनके अधिकारों के समर्थन का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके और अन्य विपक्षी दलों ने इस महत्वपूर्ण विधेयक को रोककर महिलाओं के साथ अन्याय किया है।

सीएम योगी ने कहा कि आज देशभर में महिलाओं के बीच इन विपक्षी दलों के खिलाफ आक्रोश है और लखनऊ की यह पदयात्रा उसी जनभावना को दर्शाती है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया और कहा कि विपक्षी दलों का आचरण महिला विरोधी रहा है।

केंद्रीय मंत्री और यूपी भाजपा अध्यक्ष Pankaj Chaudhary ने कहा कि महिलाओं में भारी आक्रोश है और नारी सम्मान भाजपा की पहचान है। उन्होंने बताया कि Narendra Modi के नेतृत्व में सरकार लगातार महिला सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं को संसद और विधानसभा में 33% प्रतिनिधित्व देना था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस बिल का विरोध कर महिलाओं के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया और राजनीतिक कारणों से इसे रोकने का प्रयास किया।

पदयात्रा में शामिल महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे पर अपनी एकजुटता दिखाई और सरकार के समर्थन में नारेबाजी की। कार्यक्रम के जरिए भाजपा ने महिला सशक्तिकरण और आरक्षण के मुद्दे पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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