Site icon UP की बात

कुशीनगर में नारायणी नदी का तटबंध टूटा, 25 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, राहत-बचाव में जुटा प्रशासन

कुशीनगर में नारायणी नदी का तटबंध टूटा, 25 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, राहत-बचाव में जुटा प्रशासन

कुशीनगर में नारायणी नदी का तटबंध टूटा, 25 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, राहत-बचाव में जुटा प्रशासन

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में सोमवार देर रात नारायणी नदी ने भयानक तबाही मचाई। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के ततवा टोला के चैन पट्टी और जवहीं माली एहतमाली के पास नारायणी नदी का एपी तटबंध अचानक टूट गया। तटबंध टूटने से नदी का वेगवती जलधारा का रुख सीधे आबादी वाले इलाकों की ओर हो गया और देखते ही देखते पानी तेजी से कई गांवों में समाने लगा। आधी रात को हुए इस हादसे से ग्रामीण इलाकों और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, करीब 70 से 100 मीटर तक तटबंध कट जाने से 20 से 25 गांवों के हजारों लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। हालांकि, त्वरित सतर्कता के चलते किसी तरह की जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन ग्रामीणों का भारी सामान और फसलें जलमग्न हो गई हैं।

रेट होल और सीपेज के चलते टूटा तटबंध

सोमवार रात करीब 12 बजे नारायणी नदी का जलस्तर घटकर लगभग 2 लाख 54 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया था। जलस्तर कम होने के बाद नदी में कटान का दबाव बेहद तेज हो गया। तटबंध में बने रेट होल और लगातार हो रहे पानी के रिसाव को नदी की लहरें संभाल नहीं सकीं और तटबंध ध्वस्त हो गया।
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हुई भारी बारिश के बाद नारायणी नदी में आए उफान ने निचले इलाकों को जलमग्न कर दिया है। घटना की सूचना मिलते ही NDRF, SDRF और स्थानीय पुलिस-प्रशासन की आपदा प्रबंधन टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत अभियान शुरू कर दिया।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान

तटबंध टूटने की घटना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात ही गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री ने तुरंत गोरखपुर के मंडलायुक्त, एडीजी और कुशीनगर के जिलाधिकारी से दूरभाष पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और उनके खाने-पीने व रहने की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी और पूरी स्थिति पर रातभर नजर बनाए रखी।

बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद

घटना के बाद खड्डा और तमकुहीराज तहसील के बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति का जायजा लेने प्रदेश के मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और उनके बीच बाढ़ राहत सामग्री की किट बांटी। मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय विधायक विवेकानंद पांडेय को निर्देश दिए कि हर पीड़ित के घर तक राहत सामग्री पहुंचाई जाए। नाव से गांव-गांव घूमकर राहत पहुंचा रहे स्थानीय विधायक विवेकानंद पांडेय और मंत्री संजय निषाद ने आश्वासन दिया कि जिन ग्रामीणों के मकान बाढ़ की चपेट में आकर गिर गए हैं, उन्हें सरकारी योजना के तहत नया आवास उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखी जा रही है और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।

 

Exit mobile version