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सीएम योगी के अयोध्या दौरे से पहले चंपत राय को लेकर चर्चाएं तेज, राम मंदिर कार्यक्रम पर नजरें

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या दौरे पर रहेंगे। उनके प्रस्तावित कार्यक्रमों में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन भी शामिल है। इसी बीच राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की भूमिका को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा एवं प्रोटोकॉल संबंधी निर्देशों में एक विशेष बिंदु ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा को जन्म दे दिया है। निर्देशों के अनुसार चंपत राय से अनुरोध किया गया है कि मुख्यमंत्री के राम मंदिर दर्शन-पूजन कार्यक्रम की व्यवस्थाओं के लिए वे किसी अन्य व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि नामित करें और इसकी जानकारी ड्यूटी मजिस्ट्रेट को उपलब्ध कराएं।

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प्रोटोकॉल निर्देश के बाद बढ़ीं चर्चाएं

प्रशासनिक दस्तावेज के इस निर्देश के सामने आने के बाद विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसे ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब राम मंदिर चढ़ावे को लेकर विवाद और उससे जुड़ी खबरें लगातार चर्चा में बनी हुई हैं।सूत्रों के अनुसार, इस निर्देश को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि प्रतिनिधि नामित करने का निर्देश केवल सुरक्षा और प्रोटोकॉल व्यवस्था का हिस्सा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

आधिकारिक बयान का इंतजार

अब तक जिला प्रशासन, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट या चंपत राय की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में इस मामले को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले प्रशासन या ट्रस्ट की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री के दौरे पर टिकी निगाहें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अयोध्या दौरा पहले से ही कई कारणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राम मंदिर में उनका दर्शन-पूजन कार्यक्रम भी विशेष महत्व रखता है। ऐसे में प्रोटोकॉल निर्देशों को लेकर उठी चर्चाओं ने इस दौरे को और अधिक सुर्खियों में ला दिया है। राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में अब सबकी नजर मुख्यमंत्री के अयोध्या कार्यक्रम और उससे जुड़े घटनाक्रम पर टिकी हुई है। वहीं, प्रतिनिधि नामित करने संबंधी निर्देश को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने का भी इंतजार किया जा रहा है।

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