ग्रेटर नोएडा: शहर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया। फीडबैक फाउंडेशन के सहयोग से राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS) के पास आयोजित कार्यक्रम में कबाड़ी और कचरा बीनने वाले श्रमिकों को साफ-सफाई तथा कचरा नहीं जलाने के लिए जागरूक किया गया।
व्यक्तिगत स्वच्छता और साफ-सफाई पर जोर
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों को व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें अपने कार्यस्थल और आसपास के क्षेत्र को साफ रखने तथा कचरे को खुले में जमा नहीं होने देने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति व्यवहार में सुधार लाने के साथ श्रमिकों को स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जागरूक करना रहा।
कचरा जलाने से होने वाले नुकसान बताए
कार्यक्रम में प्लास्टिक और अन्य तरह के कचरे को जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि कचरा जलाने से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण को बढ़ा सकता है और इसका असर मानव स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण पर भी पड़ता है। श्रमिकों से प्लास्टिक समेत किसी भी प्रकार के कचरे को खुले में जलाने से बचने और कचरे के उचित संग्रह एवं निस्तारण की प्रक्रिया अपनाने की अपील की गई।
स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त शहर के लिए जनभागीदारी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से कहा गया कि स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से अलग-अलग वर्गों के बीच लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अधिकारी और संस्था के प्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक राम कुमार, प्रबंधक कनुप्रिया, सुपरवाइजर राजेश और फीडबैक फाउंडेशन के परियोजना प्रबंधक संजय शुक्ला समेत संबंधित प्रतिनिधि मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों से स्वच्छता बनाए रखने, कचरे का उचित प्रबंधन करने और उसे जलाने से बचने की अपील की गई। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे अभियानों के जरिए स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त ग्रेटर नोएडा के लिए जनसहभागिता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

