ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्धनगर में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाने को लेकर जिला स्वास्थ्य समिति-शासी निकाय की बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चल रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश
बैठक में संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं की जांच और जननी सुरक्षा योजना की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीकरण के समय ही बैंक खाते से संबंधित प्रक्रिया पूरी कराने में आशा कार्यकर्ता सहयोग करें। एएनसी की अलग-अलग जांच के दौरान बैंक विवरण का सत्यापन करने और प्रसव केंद्र पर आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया, ताकि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ समय से मिल सके।
टीबी मरीजों की नियमित निगरानी पर जोर
क्षय रोग कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान एमडीआर और आरआर टीबी मरीजों की पहचान, जांच और उपचार की स्थिति की जानकारी ली गई। मुख्य विकास अधिकारी ने उपचाररत मरीजों की नियमित निगरानी करने और उन्हें निर्धारित समय के अनुसार दवाएं एवं उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
एचपीवी वैक्सीन और टेलीमेडिसिन को बढ़ावा
बैठक में पात्र बालिकाओं के एचपीवी टीकाकरण को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। टीकाकरण सत्र समय से आयोजित करने और संबंधित जानकारी पोर्टल पर दर्ज करने को कहा गया। इसके साथ ही हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध रखने और ई-संजीवनी के जरिए अधिक से अधिक लोगों को टेलीमेडिसिन की सुविधा देने पर जोर दिया गया।
दवाओं और एंबुलेंस की उपलब्धता पर नजर
अधिकारियों को स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने तथा उनके वितरण की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। जरूरतमंद मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने और सभी एंबुलेंस के संचालन एवं उपलब्धता की समीक्षा करते रहने को भी कहा गया। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों से स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के साथ योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

