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नोएडा अथॉरिटी की मजबूत पैरवी, भू-माफियाओं ने कोर्ट से केस लिया वापस

Noida News : नोएडा प्राधिकरण को भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में बड़ी कानूनी सफलता मिली है। गौतमबुद्धनगर के अपर सिविल जज (सीडी)-द्वितीय की अदालत में चल रहे अनिल खारी आदि बनाम नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण मामले में वादी पक्ष ने अपना मुकदमा बिना किसी शर्त के वापस लेने की प्रार्थना की, जिसे अदालत ने 10 सितंबर 2026 को स्वीकार कर लिया।

यह मामला नोएडा के notified area में करीब 400 बीघा भूमि से जुड़े विवाद का है। प्राधिकरण के अनुसार, इस जमीन पर कथित तौर पर अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के प्रयास किए जा रहे थे। मामले में विवादित गाटा संख्या, आबादी और निर्माण से जुड़े मुद्दे अदालत के सामने रखे गए थे।मामले में नोएडा प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता संदीप सिंह चौहान और उनकी टीम ने पैरवी की। प्राधिकरण की ओर से विवादित भूमि, notified area और कथित अनधिकृत प्लॉटिंग से जुड़े तथ्यों और कानूनी पहलुओं को अदालत के सामने रखा गया।

प्राधिकरण की ओर से की गई पैरवी के बाद वादी पक्ष ने मामले को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया और अदालत में वाद को बिना किसी शर्त के वापस लेने की प्रार्थना की। अदालत ने वादी की इस प्रार्थना को स्वीकार कर लिया।इस मामले में अदालत के आदेश का एक महत्वपूर्ण पहलू Order XXIII Rule 1(4) CPC से जुड़ा है। आदेश में इस प्रावधान का उल्लेख किया गया है, जो समान तथ्यों और वाद-विषय से जुड़े मामले को दोबारा दायर किए जाने की स्थिति में प्राधिकरण के लिए महत्वपूर्ण कानूनी आधार बन सकता है।

नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि notified area में किसी भी तरह की अनधिकृत प्लॉटिंग, अवैध निर्माण या नियोजित विकास को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को कानून के तहत रोका जाएगा। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भूमि और नियोजित विकास से जुड़े मामलों में वह कानूनी कार्रवाई जारी रखेगा।इस पूरे मामले में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश, IAS, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पुष्पराज सिंह और मुख्य विधि सलाहकार V.K. Singh के मार्गदर्शन में विधिक टीम ने काम किया। प्राधिकरण की ओर से अदालत में तथ्यों और कानूनी पक्ष को मजबूती से रखा गया।

अधिवक्ता संदीप सिंह चौहान ने कहा कि नोएडा के सुनियोजित विकास के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनधिकृत प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ उपलब्ध सभी वैधानिक उपायों का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करते हुए कानूनी लड़ाई जारी रखी जाएगी।प्राधिकरण के मुताबिक, इस मामले में वादी द्वारा बिना शर्त मुकदमा वापस लिया जाना अनधिकृत प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ उसकी कानूनी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण सफलता है। इससे नोएडा के notified area और नियोजित विकास की सुरक्षा को लेकर प्राधिकरण के रुख को भी मजबूती मिली है।

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