देशभर में आज विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। महराजगंज जिले के कुल 30 जगहों पर रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। नौतनवा में भी रावण दहन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, यहां पिछले 70 वर्षों से रावण दहन की परंपरा चली आ रही है। इस बार करीब 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। खास बात यह है कि इस आयोजन में भारत के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में, सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
70 साल पुरानी परंपरा
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी और इस जीत का गवाह बनने के लिए तैयार है महराजगंज का नौतनवा कस्बा। यहां रावण दहन की करीब 70 साल पुरानी परंपरा आज भी पूरे उत्साह के साथ निभाई जा रही है। करीब 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कुछ ही देर में शोभायात्रा निकलेगी, जो नगर भ्रमण के बाद रामलीला मैदान पहुंचेगी। इसके बाद शाम 5 बजकर 15 मिनट पर रावण दहन किया जाएगा।
भारत-नेपाल से पहुचेंगे 50 हजार श्रद्धालु
आयोजकों ने बताया कि भारत और नेपाल से कुल मिलाकर करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। नौतनवा के इस आयोजन की खासियत सिर्फ इसकी पुरानी परंपरा नहीं, बल्कि भारत और नेपाल के बीच आस्था का जुड़ाव भी है। सीमावर्ती नेपाल से महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। रामलीला देखने के लिए रामलीला मैदान में जगह कम पड़ने पर लोग आसपास की छतों से भी कार्यक्रम का आनंद लेते हैं। इस बार जनकपुर और अयोध्या से आए कलाकार भी रामलीला की प्रस्तुति में शामिल हैं।
सांस्कृतिक धरोहर और एकजुटता का प्रतीक
महराजगंज के नौतनवा कस्बे में विजयादशमी का यह पर्व वाकई बेहद खास और ऐतिहासिक है। 70 साल पुरानी परंपरा को आज भी उसी जीवंतता और उत्साह के साथ संजो कर रखना अपने आप में एक बड़ी मिसाल है। नौतनवा और आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए यह सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर और एकजुटता का प्रतीक है।

