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हाथरस साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7.40 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा

हाथरस साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7.40 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा

हाथरस साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7.40 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये आरोपी फर्जी फर्म और म्यूल बैंक खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर अपराधियों तक पहुंचाते थे।

ऑपरेशन वज्र के तहत हुई कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन वज्र के तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक खाते में संदिग्ध लेनदेन सामने आया। इसके बाद पुलिस ने बैंकिंग ट्रेल, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, जीएसटी पंजीकरण और डिजिटल ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच की, जिसके आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

फर्जी फर्म के जरिए ठगी की रकम खपाने का आरोप

जांच में पुलिस को पता चला कि जगदंबा इंटरप्राइजेज के नाम से खोला गया बैंक खाता साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, इस खाते में तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में हुई साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।

7.40 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े मिले सबूत

पुलिस के मुताबिक, एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज सात मामलों में पीड़ितों से कुल 7 करोड़ 40 लाख 61 हजार 233 रुपये की साइबर ठगी की गई थी। इसमें से करीब 80 लाख 88 हजार 945 रुपये इस म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस का कहना है कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से अर्जित धनराशि की लेयरिंग और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।

पैसों का लालच देकर खुलवाए जाते थे बैंक खाते

पूछताछ में आरोपी मनीष गौतम ने पुलिस को बताया कि वह लोगों को रुपये देने का लालच देकर उनके नाम पर चालू बैंक खाते खुलवाता था। आरोप है कि प्रत्येक खाते के बदले उसे करीब 2 लाख रुपये मिलते थे, जबकि खाताधारकों को 20 हजार रुपये दिए जाते थे। इन खातों को फर्जी फर्म, जीएसटी नंबर, ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर से जोड़कर साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।

 

सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग के नाम पर करते थे ठगी

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का झांसा देता था। निवेश के नाम पर पीड़ितों से बड़ी रकम ऐंठी जाती थी और बाद में उसे कई बैंक खातों के जरिए आगे भेज दिया जाता था।

गिरफ्तार आरोपियों की सूची

पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं:

सत्यवीर सिंह पुत्र हरीप्रसाद, निवासी छीतीपुर, थाना हसायन
अर्जुन सिंह पुत्र देवकी, निवासी पोरा, थाना सिकंदराराऊ
मनीष गौतम पुत्र भोलाशंकर, निवासी पोरा, थाना सिकंदराराऊ
आकाश कुमार पुत्र लालाराम, निवासी इटरनी गढ़ोला, थाना सिकंदराराऊ
साइबर थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम थाना हाथरस में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों पर बीएनएस की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

अन्य सदस्यों और बड़े नेटवर्क की तलाश जारी

पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य फर्जी बैंक खातों और साइबर अपराध से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार किसी बड़े साइबर नेटवर्क या मुख्य संचालक से जुड़े हैं या नहीं।

 

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