मथुरा: खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मथुरा में विशेष अभियान चलाया। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी मथुरा के निर्देश पर संचालित इस अभियान के तहत विभिन्न प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए।
सहायक आयुक्त (खाद्य) धीरेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान श्री कृष्णा इंटरप्राइजेज, गौर सेंटर इंडस्ट्रियल एरिया साइट-सी मथुरा से टोमेटो सॉस, ग्रीन चिली सॉस, कुलिनरी सॉस और टोमेटो केचप के एक-एक नमूने संग्रहित किए गए।
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इसी क्रम में एसआर एंटरप्राइजेज, ऊंचागांव सौंख रोड से मिक्स अचार, आम का अचार और लाल मिर्च पाउडर के नमूने जांच के लिए लिए गए। निरीक्षण के दौरान अचार निर्माण में उपयोग होने वाला लगभग 600 किलोग्राम कच्चा माल अस्वच्छ परिस्थितियों में भंडारित पाया गया। खाद्य सुरक्षा टीम ने इसे मानव स्वास्थ्य के लिए संभावित रूप से हानिकारक मानते हुए मौके पर ही नष्ट करा दिया। नष्ट की गई सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 90 हजार रुपये बताई गई है।
इसके अलावा कोसीकलां स्थित सीताराम फूड फैक्ट्री से मिक्स अचार का एक नमूना भी संग्रहित किया गया। वहीं श्री बांके बिहारी मंदिर क्षेत्र से पेड़े के दो नमूने लिए गए और निरीक्षण के दौरान लगभग 50 किलोग्राम दूषित पेड़ा नष्ट कराया गया। दानघाटी गोवर्धन क्षेत्र से भी पेड़े के दो नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार अभियान के दौरान कुल 12 खाद्य नमूने संग्रहित कर राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों और धार्मिक स्थलों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
इस अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेन्द्र सिंह, जितेन्द्र सिंह, अरुण कुमार राणा, रामनरेश, मोहर सिंह, रीना शर्मा और नेहा सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो तत्काल विभाग को सूचित करें, ताकि आवश्यक जांच और कार्रवाई की जा सके।

