लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 936 प्रधान परिचालकों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए कहा कि अब प्रदेश में नौकरी योग्यता के आधार पर मिलती है, न कि सिफारिश या रिश्वत से। उन्होंने घोषणा की कि इस वर्ष यूपी पुलिस में 1 लाख नई भर्तियाँ की जाएंगी, जिससे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।
प्रशिक्षण क्षमता में ऐतिहासिक सुधार और आत्मनिर्भरता
सीएम ने कहा कि 2017 से पहले पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता सीमित थी, जहां एक समय में करीब 3000 जवानों को ही प्रशिक्षण दिया जा सकता था। लेकिन अब राज्य ने अपनी प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करते हुए 60,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को अपने ही प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षित किया है। उन्होंने इसे प्रदेश की आत्मनिर्भरता और बेहतर प्रशासनिक इच्छाशक्ति का उदाहरण बताया।
कानून व्यवस्था और प्रदेश की आर्थिक प्रगति का संबंध
योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था पर भी जोर देते हुए कहा कि पुलिस बल में अनुशासन सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने जवानों को निर्देश दिया कि अपराधियों के प्रति सख्त और आम जनता के प्रति संवेदनशील रहें। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद प्रदेश में दंगे और कर्फ्यू जैसी स्थितियों में कमी आई है और कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है।
खेल कोटे से कुशल खिलाड़ियों का पुलिस बल में समावेश
मुख्यमंत्री ने खेल कोटे से भर्ती पर भी प्रकाश डाला और बताया कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जहां 500 से अधिक खिलाड़ियों को सीधे पुलिस बल में शामिल किया गया है। इससे पुलिस बल की कार्यक्षमता और छवि दोनों में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि साफ नीयत और मजबूत इच्छाशक्ति से ही बड़े बदलाव संभव हैं और प्रदेश इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

