उत्तर प्रदेश के हाथरस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दिल्ली कूच पुलिस ने हाथरस-अलीगढ़ सीमा पर रोक दिया। यह मार्च कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में आयोजित किया जा रहा था। पुलिस की कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जबकि कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
भारी पुलिस बल रहा तैनात
जानकारी के अनुसार, हाथरस के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं कासगंज के कांग्रेस कोऑर्डिनेटर चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली कूच का आह्वान किया था। मंगलवार रात उनके कैंप कार्यालय ‘श्री राधा कृष्ण कृपा भवन’ के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उन्हें दिल्ली जाने से रोक दिया गया और कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
कांग्रेस नेताओं ने लगाए लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के आरोप
चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि छात्रों की आवाज उठाना जनप्रतिनिधियों का संवैधानिक दायित्व है। उनका आरोप है कि यदि छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने वाले नेताओं को रोका जाता है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया।
अलीगढ़ सीमा पर भी रोके गए जिलाध्यक्ष
इसी दौरान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय को भी अलीगढ़ सीमा पर पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। कांग्रेस का आरोप है कि उन्हें हनुमान चौकी पर रोककर बैठाया गया। विवेक उपाध्याय ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
कई कांग्रेस पदाधिकारी रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और पार्टी के विभिन्न संगठनों के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।

