गौतमबुद्ध नगर। जिले में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन की तैयारियां तेज हो गई हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण से संबंधित मांगों को लेकर 14 सितंबर को बड़ी किसान पंचायत आयोजित की जाएगी। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत भी पंचायत में शामिल होंगे।
जमीन और मुआवजे से जुड़े मुद्दे उठेंगे
किसान पंचायत में 5 और 10 प्रतिशत भूखंड, आबादी से जुड़े मामलों और मुआवजे सहित लंबे समय से लंबित मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी है। किसानों की मांग है कि गांवों के राजस्व रिकॉर्ड में प्राधिकरण से जुड़ी प्रविष्टियों को हटाया जाए और आबादी के मामलों का निस्तारण मौजूदा स्थिति के आधार पर किया जाए।
गांवों की सुविधाओं में सुधार की मांग
किसान संगठनों की ओर से गांवों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने की मांग भी उठाई जा रही है। इनमें गंगाजल की आपूर्ति, सड़क, सीवर, नाली, स्ट्रीट लाइट, पार्क और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार जैसे मुद्दे शामिल हैं। किसानों का कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में आने वाले गांवों में विकास कार्यों के साथ नागरिक सुविधाओं पर भी पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए।
स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता
पंचायत में स्थानीय युवाओं के रोजगार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। किसान संगठन चाहता है कि क्षेत्र में स्थापित कंपनियों और वेंडिंग जोन में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता मिले। इसके अलावा किसानों के बच्चों को शिक्षा में राहत और निजी अस्पतालों में रियायती दर पर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी जाएगी।
नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत कार्रवाई की मांग
किसानों की ओर से भविष्य में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत किए जाने की मांग की जा रही है। साथ ही अधिग्रहित भूमि के बदले किसानों को उचित मुआवजा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
राकेश टिकैत की मौजूदगी से बढ़ेगी हलचल
14 सितंबर को होने वाली पंचायत में राकेश टिकैत की मौजूदगी के कारण किसान आंदोलन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी नजर बनी हुई है। अब देखना होगा कि पंचायत में किसानों की मांगों को लेकर क्या रणनीति तय होती है और इसके बाद आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।

