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गुरु पूर्णिमा पर गोरखनाथ मंदिर में उमड़ी आस्था, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निभाई गुरु परंपरा

गुरु पूर्णिमा पर गोरखनाथ मंदिर में उमड़ी आस्था, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निभाई गुरु परंपरा

गुरु पूर्णिमा पर गोरखनाथ मंदिर में उमड़ी आस्था, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निभाई गुरु परंपरा

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में मंदिर पहुंचे और नाथ पंथ की परंपरा के अनुसार महायोगी गुरु गोरखनाथ का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। उन्होंने परंपरा का निर्वहन करते हुए गुरु गोरखनाथ को ‘रोट’ अर्पित किया। पूरे मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भक्तिमय माहौल बना रहा।

 

गुरु महंत अवैद्यनाथ सहित पूर्व पीठाधीश्वरों को दी श्रद्धांजलि

विशेष पूजन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ की समाधि स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके साथ ही गोरक्षपीठ के पूर्व पीठाधीश्वरों की समाधियों पर भी नमन किया और मंदिर परिसर में स्थित विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति उनकी आस्था स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

 

 

गुरु-शिष्य परंपरा के मूल्यों का दिया संदेश

गोरक्षपीठ में गुरु पूर्णिमा का पर्व केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गुरु-शिष्य संबंधों की गरिमा, श्रद्धा और संस्कारों का प्रतीक माना जाता है। नाथ पंथ की प्राचीन परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और अनुशासन के साथ आगे बढ़ रही है। इस अवसर पर गुरु के प्रति समर्पण, सेवा और आध्यात्मिक मूल्यों को समाज तक पहुंचाने का संदेश भी दिया गया।

 

गौशाला पहुंचकर की गौसेवा, सनातन संस्कृति से जुड़ाव दिखाया

पूजन-अर्चन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर की गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गौवंश की सेवा की और अपने हाथों से उन्हें गुड़ खिलाया। उन्होंने गौवंश को स्नेहपूर्वक दुलार भी किया। गुरु पूर्णिमा के इस अवसर पर गोरक्षपीठ से सेवा, श्रद्धा, गुरु-शिष्य परंपरा और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश पूरे देश तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

 

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