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वेटलैंड में अवैध निर्माण का मामला गरमाया, विधायक ने CM से की जांच की मांग

बहराइच: जिले के पयागपुर स्थित संरक्षित वेटलैंड क्षेत्र में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। मामला तब तूल पकड़ गया जब क्षेत्रीय विधायक सुभाष त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। विधायक ने आरोप लगाया कि पयागपुर वेटलैंड, जो कि एक संरक्षित प्राकृतिक जलक्षेत्र है, वहां मत्स्य पालन और आवंटन के नाम पर गरीबों की जमीन और जलक्षेत्र को निजी कंपनी के हवाले कर दिया गया। आरोप है कि कंपनी ने नियमों को ताक पर रखकर करीब 500 हेक्टेयर क्षेत्र में कमर्शियल साइट विकसित कर दी, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ स्थानीय लोगों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है।

बताया जा रहा है कि वेटलैंड क्षेत्र में पक्के निर्माण, सड़क, विद्युत पोल और अन्य सुविधाएं विकसित की गईं। इतना ही नहीं, जलाशय के किनारे बसे कई गांवों के लोगों ने भी इस पूरे मामले में विरोध दर्ज कराया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां वे मछली पकड़कर और खेती करके अपना जीवन यापन करते थे, वहीं अब धीरे-धीरे पूरे इलाके पर कब्जे जैसी स्थिति बनती जा रही है। मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और मत्स्य विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।

क्षेत्रीय विधायक सुभाष त्रिपाठी ने कहा कि “पयागपुर वेटलैंड उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण प्राकृतिक जलक्षेत्र है। यहां गरीब और मछुआरा समाज के अधिकारों को कुचला गया है। नियमों की अनदेखी कर बड़े स्तर पर अवैध निर्माण कराया गया। मैंने मुख्यमंत्री जी को पूरे मामले से अवगत करा दिया है और दोषी अधिकारियों, मत्स्य विभाग तथा संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गरीबों की जमीन और अधिकारों पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”

विधायक की शिकायत के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर ली है। अब जिले के प्रशासनिक अधिकारियों पर जांच का दबाव बढ़ गया है। वहीं, इस पूरे प्रकरण को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और लोग कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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