मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री के आह्वान से जुड़ने और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए सभी नागरिकों को ऊर्जा की बचत और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ईंधन की खपत कम की जाए और अनावश्यक सोने की खरीद से बचा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ-साथ आम जनता को भी इस दिशा में सहयोग करना होगा। इसके लिए उन्होंने मुख्य सचिव, डीजीपी और सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
सीएम ने सरकारी और प्रशासनिक तंत्र में भी बदलाव की बात कही और कहा कि काफिले में अनावश्यक वाहनों को हटाया जाए। साथ ही मंत्री, सांसद और विधायक सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। उन्होंने ‘नो व्हीकल डे’ को लागू करने और आम जनता, छात्रों तथा कर्मचारियों को इससे जोड़ने की अपील की।
वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग, औद्योगिक इकाइयों और बड़े स्टार्टअप्स में इस मॉडल को प्राथमिकता दी जाए। राज्य सचिवालय और निदेशालय में भी 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकों को ऑनलाइन आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मेट्रो, पीएनजी, बस सेवा और ईवी उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही गई। साथ ही साइक्लिंग, कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया गया।
ऊर्जा संरक्षण के तहत सीएम ने कहा कि रात 10 बजे के बाद व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सजावटी लाइटों का सीमित उपयोग किया जाए। पीएम सूर्य घर योजना और रूफटॉप सोलर को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा उन्होंने पर्यटन, स्वदेशी उत्पाद, ओडीओपी, जीआई टैग प्रोडक्ट्स और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही। नागरिकों से विदेशी यात्राओं को कम करने और देश में ही डेस्टिनेशन वेडिंग और पर्यटन को प्राथमिकता देने की अपील की गई।
स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में भी सीएम ने खाद्य तेल के उपयोग को कम करने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और गोबर आधारित संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया।

