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सरकारी दस्तावेज जलाने का मामला, DM की कार्रवाई के बाद JE समेत 6 पर FIR

हरदोई जिले में उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के केंद्रीय भंडार में सरकारी दस्तावेजों और सामग्री को जलाकर नष्ट किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। बुधवार सुबह निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अनुनय झा और अन्य अधिकारियों ने जेल रोड स्थित केंद्रीय भंडार से धुआं उठता देखा, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर जांच की गई।

जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि गोदाम के भीतर बड़ी मात्रा में सरकारी अभिलेख और सामग्री जल रही थी। इनमें आधार कार्ड, एनसीआरबी से संबंधित दस्तावेज, इन्वेंट्री रिकॉर्ड, एकीकृत जांच फार्म (I.I.F.-I), पहचान संबंधी सामग्री, जैकेट और विभिन्न प्रकार के केमिकल शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार गोदाम को अंदर और बाहर से बंद कर सामग्री को नष्ट करने की कार्रवाई की जा रही थी।

डीएम के निर्देश पर गोदाम का ताला खुलवाया गया। जांच के दौरान मौके से दो निजी व्यक्तियों ऋतुराज त्रिपाठी और विपिन मिश्रा को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में वे और विभागीय अधिकारी दस्तावेज नष्ट करने के संबंध में कोई वैध अनुमति या सक्षम अधिकारी का आदेश प्रस्तुत नहीं कर सके।

मामले में लेखपाल वीरेश कुमार की तहरीर पर कोतवाली शहर में मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर में उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रभारी अवर अभियंता (JE) नवनीत सिंह, प्रभारी सहायक अभियंता अमित कुमार सिंह, चौकीदार मेवाराम, केयरटेकर सालिकराम सहित दो निजी व्यक्तियों को नामजद किया गया है।

पुलिस ने सरकारी अभिलेख नष्ट करने, लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला सरकारी रिकॉर्ड की सुरक्षा और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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