आजमगढ़ में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाया। इस दौरान नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहे स्कूल वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 36 वाहनों का चालान किया गया, जबकि 22 वाहनों को सीज कर दिया गया। साथ ही करीब 3.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
वैध दस्तावेज और सुरक्षा मानकों की हुई जांच
अभियान के दौरान स्कूल वाहनों के परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। जिन वाहनों में दस्तावेजों की कमी या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।
नियम तोड़ने वाले स्कूल प्रबंधनों पर होगी सख्त कार्रवाई
एआरटीओ (प्रवर्तन) अतुल कुमार यादव ने बताया कि विभाग का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधनों को नियमों के प्रति जागरूक बनाना भी है। इसके लिए विद्यालय संचालकों के साथ बैठकें आयोजित की गई हैं और विभिन्न माध्यमों से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई विद्यालय लगातार बिना वैध दस्तावेजों वाले वाहनों का संचालन करता पाया गया तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित विद्यालय की मान्यता रद्द कराने की संस्तुति भी शासन स्तर पर की जा सकती है।
थानों को भी भेजी गई संदिग्ध वाहनों की सूची
परिवहन विभाग ने ऐसे विद्यालयों और वाहनों की सूची संबंधित थानों को भी उपलब्ध करा दी है, ताकि स्थानीय पुलिस भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सके। विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पूरे महीने जारी रहेगा अभियान
विभाग के अनुसार यह विशेष जांच अभियान पूरे महीने तक जारी रहेगा। यदि आवश्यकता हुई तो इसे आगे भी बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों ने सभी स्कूल प्रबंधकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के दस्तावेज तुरंत अपडेट कराएं और बिना वैध कागजात वाले वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद करें।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
परिवहन विभाग का कहना है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सरकार और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

