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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को हर साल मिलेगी अतिरिक्त साड़ी, योगी कैबिनेट का फैसला

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को हर साल मिलेगी अतिरिक्त साड़ी, योगी कैबिनेट का फैसला

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को हर साल मिलेगी अतिरिक्त साड़ी, योगी कैबिनेट का फैसला

लखनऊ ।  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लेकर बड़ा फैसला किया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अब हर साल एक अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस निर्णय से प्रदेश की 3,80,290 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लाभ मिलेगा। सरकार इस व्यवस्था पर लगभग 19.02 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

अब हर साल मिलेगी एक अतिरिक्त साड़ी

सरकार का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों पर काम करने वाली महिलाओं को निर्धारित वेशभूषा में कार्य करने के लिए अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था के तहत पहले से मिलने वाली साड़ियों के अतिरिक्त हर साल एक और साड़ी दी जाएगी। इससे कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियमित ड्यूटी के दौरान वर्दी के उपयोग में सुविधा मिलेगी। ग्रामीण और मैदानी क्षेत्रों में काम करने वाली कर्मियों को भी इससे राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रदेश के 3.80 लाख से अधिक कर्मियों को फायदा

उत्तर प्रदेश में कुल 1,90,145 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 1,90,145 कार्यकर्ताओं और इतनी ही सहायिकाओं के पद स्वीकृत हैं। इस प्रकार कुल 3,80,290 कर्मियों को अतिरिक्त साड़ी देने का लाभ मिलेगा।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों तक विभिन्न सरकारी सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

 

 

आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलती हैं पोषण संबंधी सेवाएं

केंद्र सरकार की प्रायोजित योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं और 14 से 18 वर्ष की किशोरी बालिकाओं के लिए पोषण संबंधी सेवाएं संचालित की जाती हैं। इन योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में आंगनबाड़ी कर्मियों की अहम जिम्मेदारी होती है। सरकार का मानना है कि कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने से उनके कामकाज में सहूलियत होगी।

अतिरिक्त साड़ी पर 19.02 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने के फैसले के पीछे मैदानी क्षेत्रों में काम करने वाली कर्मियों की व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखा गया है।ड्यूटी के दौरान साड़ी गंदी होने, खराब होने, धुलाई और प्रतिकूल मौसम जैसी परिस्थितियों के कारण अतिरिक्त कपड़े की जरूरत पड़ती है। इसी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रति साड़ी 500 रुपये की दर से सरकार पर कुल 19,01,45,000 रुपये का अनुमानित वित्तीय भार आएगा, जो करीब 19.02 करोड़ रुपये है।

आंगनबाड़ी कर्मियों को मिलेगी अतिरिक्त सुविधा

योगी कैबिनेट के इस फैसले से प्रदेश की लाखों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को हर साल अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनेगी। इससे उनकी विभागीय वेशभूषा संबंधी जरूरतों को पूरा करने और कार्यस्थल पर सुविधा बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

 

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