बांदा जिले में अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने मई 2026 में बड़ा अभियान चलाते हुए खनन माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टास्क फोर्स द्वारा जिले के विभिन्न खनन पट्टों का निरीक्षण किया गया, जिसमें बड़े पैमाने पर अवैध खनन, परिवहन और खनन नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए।
प्रशासन द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार सबसे बड़ी कार्रवाई तहसील बांदा के ग्राम मरौलीखादर खंड संख्या-06 में की गई। यहां लगभग 39 हजार घन मीटर से अधिक बालू और मोरम का अवैध खनन एवं परिवहन पकड़ा गया। इस मामले में करीब 4 करोड़ 46 लाख 96 हजार रुपये की राजस्व क्षति का आकलन किया गया है। प्रशासन ने संबंधित पट्टाधारक को नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसी तरह तहसील बबेरू के ग्राम चरकाखादर खंड संख्या-10 में दो अलग-अलग निरीक्षणों के दौरान 13 हजार घन मीटर से अधिक अवैध खनन पकड़ा गया। इससे सरकार को लगभग 1 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक की राजस्व हानि होने की बात सामने आई है।
इसके अलावा बदौसा, दुरेड़ी, खपटिहाकलां, दादौंखादर और मर्काखादर सहित कई खनन क्षेत्रों में भी अनियमितताएं मिलने पर लाखों रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। प्रशासन ने ओवरलोड और बिना वैध परिवहन प्रपत्र चल रहे वाहनों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया। मरौलीखादर, गाजीपुर और मर्काखादर क्षेत्रों में कुल 41 वाहन ओवरलोड अथवा बिना वैध दस्तावेजों के पाए गए, जिन्हें संबंधित थानों की अभिरक्षा में सौंप दिया गया।
प्रशासन के अनुसार मई 2026 में अब तक कुल 10 खनन पट्टों की जांच में 8 करोड़ 4 लाख 57 हजार 810 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। वहीं 27 मई तक 132 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 32 लाख 38 हजार 780 रुपये की वसूली की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

