अयोध्या। लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर अब तेज रफ्तार से वाहन दौड़ाना महंगा पड़ सकता है। सड़क हादसों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए यातायात पुलिस ने इस हाइवे पर हाईटेक निगरानी व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत पूरे मार्ग पर अत्याधुनिक स्पीड रडार कैमरे सक्रिय कर दिए गए हैं, जो तय सीमा से अधिक गति में चल रहे वाहनों की पहचान कर तुरंत ई-चालान जारी करेंगे। यातायात विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अब इस हाइवे पर 80 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक गति से वाहन चलाने पर सीधे ₹2000 का ऑनलाइन चालान काटा जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑटोमैटिक होगी, जिससे मौके पर पुलिस की मौजूदगी के बिना भी नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई हो सकेगी।
पिछले कुछ वर्षों में लखनऊ-अयोध्या हाइवे पर तेज रफ्तार के कारण कई गंभीर सड़क हादसे सामने आए हैं। खासतौर पर रात के समय और सुबह के घंटों में ओवरस्पीडिंग के मामले अधिक देखे गए हैं। कई हादसों में लोगों की जान भी जा चुकी है। इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का फैसला लिया है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हाइवे पर लगाए गए स्पीड रडार कैमरे अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं। ये कैमरे एक साथ कई वाहनों की गति माप सकते हैं और उनकी नंबर प्लेट को हाई-रिजॉल्यूशन में रिकॉर्ड करते हैं। जैसे ही कोई वाहन निर्धारित गति सीमा से ऊपर जाता है, सिस्टम स्वतः उसकी जानकारी ट्रैफिक कंट्रोल रूम तक भेज देता है और तुरंत ई-चालान जनरेट हो जाता है। इसके बाद चालान की सूचना वाहन मालिक के मोबाइल नंबर और पंजीकृत पते पर भेज दी जाती है।
यातायात पुलिस का कहना है कि यह अभियान केवल चालान काटने के लिए नहीं बल्कि लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। विभाग का मानना है कि जब लोग जानते हैं कि हर समय उनकी गति पर नजर रखी जा रही है, तो वे स्वाभाविक रूप से नियमों का पालन करने लगते हैं। यातायात पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क पर चलते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करें, सीट बेल्ट और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाएं। पुलिस ने कहा कि सुरक्षित ड्राइविंग से न केवल अपनी बल्कि दूसरों की जान भी बचाई जा सकती है।
प्रशासन ने साफ किया है कि अब लखनऊ-अयोध्या हाइवे पर लापरवाही या तेज रफ्तार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों को आर्थिक दंड के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। यात्रियों के लिए संदेश साफ है—सफर सुरक्षित रखें, गति पर नियंत्रण रखें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें, क्योंकि अब हाइवे पर हर कदम कैमरों की निगरानी में है।

