ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पांच कंपनियों को औद्योगिक भूखंड आवंटित किए हैं। कुल 16.5 एकड़ जमीन के इन आवंटनों से करीब 440.15 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। परियोजनाओं के जरिए लगभग 4,300 रोजगार के अवसर तैयार होने की संभावना है।
पैकेजिंग से लेकर गारमेंट और ऑटो सेक्टर तक निवेश
प्राधिकरण की ओर से 25 सितंबर 2026 को किए गए आवंटन में सेक्टर-8D और सेक्टर-29 के भूखंड शामिल हैं। इन स्थानों पर पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल से जुड़े उत्पाद, रेडीमेड गारमेंट और टेक्सटाइल क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जानी हैं।
Perfectpac को 4 एकड़ जमीन
M/S Perfectpac Ltd. को सेक्टर-8D में 4 एकड़ का भूखंड आवंटित किया गया है। यहां कॉरुगेटेड बॉक्स पैकेजिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव है। परियोजना में करीब 110 करोड़ रुपये का निवेश और 450 रोजगार प्रस्तावित हैं।
ऑटो सेक्टर के लिए उत्पाद बनाएगी Simplast India
Simplast India Pvt. Ltd. को सेक्टर-8D में 3 एकड़ जमीन दी गई है। कंपनी यहां ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए एडवांस्ड रोटेशनल मोल्डिंग उत्पादों का निर्माण करेगी। इस परियोजना में 76.70 करोड़ रुपये के निवेश के साथ करीब 300 रोजगार प्रस्तावित हैं।
Sahu Exports लगाएगी रेडीमेड गारमेंट यूनिट
सेक्टर-29 में Sahu Exports Pvt. Ltd. को 2.5 एकड़ का भूखंड मिला है। यहां रेडीमेड गारमेंट निर्माण इकाई स्थापित करने की योजना है। कंपनी की ओर से परियोजना में 74.21 करोड़ रुपये निवेश और 1,050 रोजगार का प्रस्ताव रखा गया है।
C&R Textiles में 2 हजार रोजगार प्रस्तावित
C&R Textiles Pvt. Ltd. को सेक्टर-29 में 4 एकड़ जमीन आवंटित हुई है। कंपनी यहां टेक्सटाइल और गारमेंट उत्पादों का निर्माण करेगी। परियोजना के लिए 102.26 करोड़ रुपये निवेश और करीब 2,000 रोजगार प्रस्तावित किए गए हैं।
SABS Exports को भी 4 एकड़ भूखंड
सेक्टर-29 में SABS Exports International Pvt. Ltd. को 4 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। कंपनी यहां रेडीमेड गारमेंट निर्माण इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना में 86.98 करोड़ रुपये के निवेश और 500 रोजगार का प्रस्ताव है।
औद्योगिक और रोजगार गतिविधियों को मिल सकता है बढ़ावा
यमुना प्राधिकरण के इन आवंटनों से क्षेत्र में विनिर्माण और निर्यात आधारित गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर टेक्सटाइल और गारमेंट क्षेत्र में प्रस्तावित इकाइयों से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। साथ ही पैकेजिंग और ऑटोमोबाइल से जुड़े उद्योगों के विस्तार से क्षेत्र के औद्योगिक इकोसिस्टम को भी बढ़ावा मिल सकता है।

