वाराणसी समेत आठ जिलों में शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हो गया। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की आवाजाही देखने को मिली। सदर तहसील स्थित मतदान केंद्र पर भी वोट डालने के लिए शिक्षक और स्नातक मतदाता पहुंचे। मतदान शाम 4 बजे तक निर्धारित है। शुरुआती दौर में मतदान प्रतिशत करीब 15 फीसदी तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
34 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 34 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें स्नातक एमएलसी सीट के लिए 24 उम्मीदवार, जबकि शिक्षक एमएलसी पद के लिए 10 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की भागीदारी को लेकर राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की नजर मतदान प्रक्रिया पर बनी हुई है।
आठ जिलों के 74,840 मतदाता करेंगे मतदान
इस चुनाव में वाराणसी सहित आठ जिलों के कुल 74,840 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के 66,952 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 7,888 मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए वाराणसी, भदोही, जौनपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र में केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी जिलों में निर्धारित बूथों पर मतदान कराया जा रहा है।
102 बूथों पर मतदान की व्यवस्था
चुनाव को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए कुल 102 बूथ निर्धारित किए गए हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 73 मुख्य और आठ सहायक बूथ बनाए गए हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के लिए 21 बूथों की व्यवस्था की गई है। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासन और पुलिस ने बढ़ाई निगरानी
मतदान के दौरान शांति और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन सतर्क है। सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट और अन्य अधिकारियों को मतदान केंद्रों की निगरानी में लगाया गया है। अधिकारी अलग-अलग केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ले रहे हैं।
जांच के बाद मतदाताओं को मिल रहा प्रवेश
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने मतदान केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। केंद्रों में प्रवेश से पहले मतदाताओं की जांच की जा रही है। मतदान स्थल के भीतर मोबाइल फोन, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और शस्त्र ले जाने पर प्रतिबंध है। प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराना है। अब मतदान समाप्त होने तक मतदाताओं की भागीदारी और मतदान प्रतिशत पर सबकी निगाहें रहेंगी।

