जौनपुर: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर का 30वां दीक्षांत समारोह भव्य रूप से संपन्न हुआ। समारोह में 75,800 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 27,718 छात्र और 48,082 छात्राएं शामिल रहीं। वहीं 83 मेधावी विद्यार्थियों को 84 पदक प्रदान किए गए, जिनमें 52 छात्राएं और 31 छात्र शामिल हैं। इसके अलावा 339 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई।
अपने संबोधन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि छात्राओं की बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि बेटियां शिक्षा, शोध और शैक्षणिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उन्होंने छात्रों से भी अधिक परिश्रम कर शिक्षा और जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान जौनपुर और गाजीपुर के 500 आंगनबाड़ी केंद्रों को आंगनबाड़ी किट वितरित की गई। राज्यपाल ने बताया कि जनवरी 2025 से अब तक 33,363 आंगनबाड़ी केंद्रों को तथा पूरे प्रदेश में 68,843 आंगनबाड़ी किट वितरित की जा चुकी हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि शिक्षा और शोध का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
इस अवसर पर जौनपुर और गाजीपुर में तैनात पुलिसकर्मियों की बेटियों सहित 600 बेटियों का एचपीवी टीकाकरण भी कराया गया। राज्यपाल ने बताया कि जनभागीदारी के सहयोग से प्रदेश में अब तक 2,25,947 एचपीवी टीकाकरण किए जा चुके हैं और कई जिलों ने शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि उनका ज्ञान केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहकर समाज और राष्ट्र के विकास का आधार बनना चाहिए। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए चरित्र निर्माण, सत्यनिष्ठा, सेवा और राष्ट्रभक्ति को शिक्षा का मूल उद्देश्य बताया।
उन्होंने युवाओं को स्टार्टअप, अनुसंधान, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष तकनीक और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज का भारत तकनीक का अनुयायी नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और युवा इस परिवर्तन के सबसे बड़े वाहक हैं।
राज्यपाल ने केंद्र सरकार के शिक्षा बजट, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, एनीमेशन, गेमिंग, एआई, मेडिकल हब और रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालयों से इन अवसरों का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाने की प्रभावी कार्ययोजना बनाने का आग्रह किया।

