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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026: मुख्यमंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी 2, 3 और 4 जुलाई को आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य और उनकी उम्मीदों से जुड़ी हुई है, इसलिए इसके संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

अभ्यर्थियों की सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी परीक्षार्थी को परिवहन, आवास, सुरक्षा या अन्य आवश्यक सुविधाओं के अभाव में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सेवारत शिक्षकों के लिए अलग टीईटी आयोजित करने का निर्णय

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यरत शिक्षकों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देश दिए कि सेवारत शिक्षकों के लिए अलग शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित की जाए। इस व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षकों को पात्रता प्राप्त करने के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि केवल सीमित अवसरों के कारण किसी भी शिक्षक को कठिनाई न हो।

परिवहन और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश

प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों से आने वाले अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने व्यापक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके तहत उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, रेलवे और आवश्यकता पड़ने पर निजी स्थानीय परिवहन संचालकों के साथ समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त बसों एवं अन्य साधनों की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख यातायात केंद्रों पर सहायता डेस्क स्थापित करने, भीड़ प्रबंधन के लिए प्रभावी ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने तथा परीक्षा के दौरान खाद्य एवं पेय पदार्थों के दामों पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए।

सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर निम्नलिखित व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें—

स्वच्छ पेयजल
साफ-सुथरे शौचालय
छायादार प्रतीक्षास्थल
निर्बाध विद्युत आपूर्ति
अग्निशमन व्यवस्था

प्राथमिक चिकित्सा एवं आकस्मिक स्वास्थ्य सेवाएं

इसके साथ ही मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए।

परीक्षा से पहले होगा सभी व्यवस्थाओं का पूर्वाभ्यास

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा के सफल एवं त्रुटिरहित संचालन के लिए परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले सभी व्यवस्थाओं का पूर्वाभ्यास (मॉक ड्रिल) अनिवार्य रूप से कराया जाए। साथ ही प्रत्येक जिले में स्थापित कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहकर किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।

परीक्षा की सुरक्षा और गोपनीयता पर रहेगा विशेष ध्यान

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परीक्षा ड्यूटी में केवल स्वच्छ छवि वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की जाए। प्रश्नपत्रों एवं अन्य गोपनीय सामग्री के सुरक्षित भंडारण, परिवहन और परीक्षा समाप्त होने के बाद आयोग तक सुरक्षित पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया उच्च सुरक्षा मानकों के अनुरूप संपन्न की जाएगी।

अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर होगी कड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर परीक्षा से संबंधित अफवाह, फर्जी खबर या भ्रामक जानकारी फैलाने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए ताकि परीक्षा की विश्वसनीयता प्रभावित न हो।

 

60 जिलों के 955 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 का आयोजन प्रदेश के 60 जिलों में स्थापित 955 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। परीक्षा 2 से 4 जुलाई के बीच कुल पांच पालियों में आयोजित होगी।

परीक्षा कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा— 

2 जुलाई: दोनों पालियों में उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा
3 जुलाई: प्रथम पाली में उच्च प्राथमिक एवं द्वितीय पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा
4 जुलाई: प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा
लगभग 20 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल

इस वर्ष यूपीटीईटी-2026 में कुल 19,94,661 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इनमें—

17,67,180 अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश से
2,27,481 अभ्यर्थी अन्य राज्यों से

वहीं कुल परीक्षार्थियों में—

1,85,791 सेवारत शिक्षक, 18,08,870 नए अभ्यर्थी शामिल होंगे।

आवेदनों के अनुसार—

प्राथमिक स्तर के लिए 3,88,179
उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 8,16,436
दोनों स्तरों के लिए 3,95,023 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
इन जिलों में सबसे अधिक परीक्षार्थी

प्रदेश के जिन जिलों में सबसे अधिक परीक्षा केंद्र और अभ्यर्थी हैं, उनमें वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर नगर, मेरठ, मऊ, मुरादाबाद, आगरा और जौनपुर प्रमुख हैं।

वाराणसी: 68 परीक्षा केंद्र, 1,27,239 अभ्यर्थी
प्रयागराज: 53 परीक्षा केंद्र, 76,634 अभ्यर्थी
लखनऊ: 43 परीक्षा केंद्र, 76,720 अभ्यर्थी

इन जिलों में बड़ी संख्या में बाहरी अभ्यर्थियों के आगमन को देखते हुए परिवहन, सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और आवास संबंधी व्यवस्थाओं को विशेष रूप से मजबूत किया जा रहा है।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपीटीईटी-2026 को पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और सुव्यवस्थित व्यवस्था के साथ संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक सुविधाओं से लेकर परिवहन, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल निगरानी तक सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, सेवारत शिक्षकों के लिए अलग टीईटी आयोजित करने का निर्णय राज्य सरकार की शिक्षक हितैषी सोच को भी दर्शाता है।

 

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