लखनऊ। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने चार औद्योगिक इकाइयों को 56.25 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन देने के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में आयोजित एम्पावर्ड कमेटी की 12वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया। यह प्रोत्साहन कोविड-19 त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के तहत दिया जाएगा।
चार कंपनियों के वित्तीय प्रोत्साहन प्रस्तावों को मंजूरी
बैठक में हमीरपुर, बाराबंकी, अमेठी और गोरखपुर की चार औद्योगिक इकाइयों के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इन कंपनियों को अलग-अलग तिमाही अवधियों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वीकृत प्रस्तावों के अनुसार:
- जेके सीमेंट लिमिटेड, हमीरपुर: 10.11 करोड़ रुपये।
- ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड, बाराबंकी: 12.77 करोड़ रुपये।
- कनोडिया सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड, अमेठी: 7.41 करोड़ रुपये।
- अंकुर उद्योग लिमिटेड, गोरखपुर: 25.97 करोड़ रुपये।
इन चारों कंपनियों के लिए कुल 56.26 करोड़ रुपये की राशि बनती है, जबकि जारी विवरण में कुल प्रोत्साहन राशि 56.25 करोड़ रुपये बताई गई है।
पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की पहल
कोविड-19 त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 का उद्देश्य प्रदेश के आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में बड़े औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करना है। इसके तहत मध्यांचल, पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्रों में मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को विशेष सुविधाएं और रियायतें देने की व्यवस्था की गई है। सरकार की इस पहल से औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने और प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव राज्य कर कामिनी रतन चौहान, प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार, इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद, नियोजन सचिव डॉ. राज शेखर समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। एम्पावर्ड कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णय प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन देने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देने के प्रयासों का हिस्सा हैं।

