लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें गाय पालन पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने और पशुपालकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं।
गाय पालन पर मिलेगी 50 हजार रुपये तक की मदद
सरकार का उद्देश्य प्रदेश में पशुपालन को प्रोत्साहित करना और किसानों की आय बढ़ाना है। इसके तहत गाय पालने वाले लोगों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने की व्यवस्था की गई है। इस योजना से पशुपालन को आजीविका का साधन बनाने वाले लोगों को आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है।
दुग्ध उत्पादन और गायों की नस्ल सुधारने पर जोर
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के अनुसार, देश में सर्वाधिक दूध उत्पादन करने वाले उत्तर प्रदेश में किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए पशुपालन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसी दिशा में प्रदेश में पहली बार स्टेट लाइव मिशन शुरू करने की पहल की गई है। इसके माध्यम से गायों की नस्ल सुधारने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया जाएगा।
गायों के बीमा प्रीमियम का 85% खर्च उठाएगी सरकार
पशुपालकों को आर्थिक जोखिम से राहत देने के लिए गायों का बीमा कराने की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार और शेष 15 प्रतिशत हिस्सा किसान को देना होगा। इससे पशुपालकों को पशुओं की सुरक्षा में मदद मिलेगी।
गरीब परिवारों को मुफ्त मिलेंगे मुर्गियों के चूजे
पशुपालन से रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार गरीब परिवारों को भी सहायता देगी। इसके तहत पात्र लोगों को 100-100 मुर्गियों के चूजे निःशुल्क उपलब्ध कराने का प्रस्ताव शामिल है। इस पहल से ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय का साधन मिल सकता है।
मैनपुरी में सैनिक स्कूल के लिए जमीन आवंटित
कैबिनेट बैठक में मैनपुरी में सैनिक स्कूल की स्थापना से जुड़ा फैसला भी लिया गया। इसके लिए 9.5 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई है। सरकार के इन फैसलों का उद्देश्य पशुपालन, ग्रामीण रोजगार और शिक्षा जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देना है।

