लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की आठवीं बैठक के दौरान प्रदेश में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में औद्योगिक निवेश, एक्सप्रेस-वे, बिजली आपूर्ति, श्रमिक कल्याण, किसानों की सुविधाओं, अग्नि सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बड़ी परियोजनाओं को कागजी प्रक्रियाओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि निर्धारित समयसीमा में पूरा कर जनता को उनका लाभ पहुंचाया जाए।
बड़ी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि औद्योगिक और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों और फील्ड में तैनात अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक मंजूरी, निविदा प्रक्रिया और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से जुड़ी बाधाओं का जल्द समाधान करने को कहा, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
कई एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में प्रदेश में प्रस्तावित और निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए चार निविदाएं प्राप्त हुई हैं और अक्टूबर में निविदा प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, फर्रुखाबाद, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के लिए 80 से 91 प्रतिशत तक भूमि उपलब्ध हो चुकी है। मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य-पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेस-वे के लिए सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों से परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और शेष भूमि संबंधी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
ग्रेटर नोएडा में लॉजिस्टिक हब का काम तेज करने के निर्देश
ग्रेटर नोएडा में विकसित किए जा रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के लिए निर्धारित 323 हेक्टेयर भूमि में से 301 हेक्टेयर पर कब्जा प्राप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक और लॉजिस्टिक परियोजनाओं से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने पर जोर दिया, ताकि इनके क्रियान्वयन में किसी तरह की बाधा न आए।
कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास निर्माण में तेजी
प्रदेश में महिला श्रम सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से कामकाजी महिलाओं के लिए बनाए जा रहे छात्रावासों की प्रगति की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने इनके निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों के निर्माण के साथ उनके बेहतर संचालन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए ऐसी नीति तैयार करने पर जोर दिया गया, जिससे कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और उपयोगी आवासीय सुविधाएं मिल सकें।
जीरो पॉवर्टी अभियान: पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर
बैठक में जीरो पॉवर्टी अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि चिन्हित 12.50 लाख परिवारों में से लगभग नौ लाख परिवार आवास योजनाओं के लिए पात्र पाए गए हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 30,725 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। अभियान के तहत पात्र परिवारों को श्रमिक पंजीकरण, आयुष्मान कार्ड, अंत्योदय कार्ड, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल जरूरतमंद परिवारों की पहचान करना पर्याप्त नहीं है। संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक पात्र परिवार को उसकी पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ मिले।
मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि मंडियों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मंडियों में साफ-सफाई नियमित रूप से हो और जलभराव की समस्या उत्पन्न न होने पाए। उन्होंने मंडी परिसरों की निगरानी मजबूत करने तथा किसानों को अपनी उपज लाने, रखने और बेचने के दौरान होने वाली परेशानियों को दूर करने के निर्देश दिए।
बिजली आपूर्ति और उपभोक्ता शिकायतों पर सख्ती
हाल में कई क्षेत्रों में हुई अतिवृष्टि के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी आपूर्ति बाधित है, वहां जल्द से जल्द बिजली बहाल की जाए। उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर को 24 घंटे और सातों दिन सक्रिय रखने को कहा गया। साथ ही, प्रत्येक उपभोक्ता तक सही बिजली बिल समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए। बिजली चोरी और लाइन लॉस पर नियंत्रण के लिए फीडरवार ऑडिट कराने तथा वास्तविक स्थिति के आधार पर जरूरी कदम उठाने पर भी जोर दिया गया।
अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और होटलों में फायर NOC अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें
अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और होटलों में वैध फायर NOC सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त होने से पहले नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। साथ ही, संबंधित संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी बनी रहे।
PWD की 279 परियोजनाओं को समयसीमा में पूरा करने का निर्देश
लोक निर्माण विभाग की 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 279 परियोजनाओं की समीक्षा भी बैठक का हिस्सा रही। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अनुबंध में तय शर्तों के अनुसार सभी कार्य समय पर पूरे कराने के निर्देश दिए। इस दौरान परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी और निर्धारित समयसीमा के पालन पर विशेष जोर दिया गया।
11,350 ग्राम पंचायतों में बन रहीं डिजिटल लाइब्रेरी
प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के लिए ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। बैठक में बताया गया कि 454 करोड़ रुपये की लागत से 11,350 ग्राम पंचायतों में ये लाइब्रेरी विकसित की जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी लाइब्रेरी के लिए एनबीटी की पुस्तकें पहुंच चुकी हैं, जबकि 96 प्रतिशत फर्नीचर की आपूर्ति पूरी हो गई है। वहीं, 99 प्रतिशत लाइब्रेरी में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने शेष हार्डवेयर की आपूर्ति में तेजी लाने और रियल टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से परियोजना की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर सरकार का फोकस
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की आठवीं बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने, सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक परियोजनाओं, ग्रामीण डिजिटल लाइब्रेरी, बिजली आपूर्ति और महिला श्रमिकों के लिए आवास जैसी योजनाओं की प्रगति पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकार का जोर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज कर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और आम जनता को उनका लाभ उपलब्ध कराने पर है।

