लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में ‘मिशन रोजगार’ के तहत एक और नियुक्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की चयन प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्त किए गए 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
निष्पक्ष चयन प्रक्रिया के बाद मिली जिम्मेदारी
नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया। कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं को ग्रामीण प्रशासन और पंचायतों के विकास से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालनी होंगी। सरकार की ओर से कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके।
युवाओं की क्षमता को विकास से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा को प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नौजवानों को सही अवसर और दिशा मिलने से राज्य की विकास यात्रा को गति मिलती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश के युवाओं को उनके अधिकार और सम्मान के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया था। रोजगार और नियुक्तियों से जुड़े प्रयासों को इसी दिशा में आगे बढ़ाने की बात कही गई।
ग्राम पंचायतों को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी
नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की अपेक्षा की गई। उनसे पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और ग्रामीणों तक सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में भूमिका निभाने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने चयनित युवाओं से अपनी ग्राम पंचायतों को विकास और बेहतर प्रशासन के जरिए नई पहचान दिलाने का आह्वान किया।
चयनित युवाओं और परिजनों को बधाई
कार्यक्रम के दौरान नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी युवाओं और उनके परिवारों को बधाई दी गई। नियुक्ति पाने वाले युवाओं के लिए यह अवसर रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।

