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नोएडा में बनेगी दो नई ‘मॉडल रोड’, DSC मार्ग और सेक्टर-79 टी-पॉइंट का होगा कायाकल्प

नोएडा प्राधिकरण द्वारा शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और प्रमुख मार्गों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है।  नोएडा के महत्वपूर्ण DSC मार्ग को ‘मॉडल रोड’ के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके साथ ही सेक्टर-79 टी-पॉइंट से DSC मार्ग तक के हिस्से को भी मॉडल रोड के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव है।

DSC मार्ग नोएडा के प्रमुख औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को आपस में जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। यह मार्ग NSEZ, फेस-2, सेक्टर-80, सेक्टर-81 और हॉजरी कॉम्प्लेक्स जैसे क्षेत्रों को कनेक्टिविटी प्रदान करता है। रोजाना हजारों लोग और छोटे-बड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जिसके चलते यह शहर के प्रमुख प्रवेश और आवागमन मार्गों में शामिल है।हालांकि, सिंचाई नाले से कुलेसरा पुल तक का हिस्सा अक्सर भारी ट्रैफिक के दबाव में रहता है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में यहां जाम की स्थिति बन जाती है। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि एलिवेटेड रोड से आने वाले भारी यातायात का दबाव इस मार्ग पर ट्रैफिक समस्या को और बढ़ा रहा है।

इसी समस्या के समाधान के लिए सिंचाई नाले से कुलेसरा पुल तक के हिस्से को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। सड़क के विकास में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं, सड़क की खूबसूरती और बेहतर यातायात प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जाएगा।इसके अलावा सेक्टर-79 टी-पॉइंट से DSC मार्ग तक के स्ट्रेच को भी मॉडल रोड के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद इन क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था और आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कितनी होगी लागत?

सिंचाई नाले से कुलेसरा पुल तक मॉडल रोड विकसित करने के लिए करीब ₹14 करोड़ 96 लाख 56 हजार रुपये की लागत प्रस्तावित है। वहीं, सेक्टर-79 टी-पॉइंट से DSC मार्ग तक के हिस्से के विकास पर करीब ₹10 करोड़ 57 लाख 14 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। दोनों परियोजनाओं की कुल प्रस्तावित लागत करीब ₹25.53 करोड़ है।फिलहाल कंसल्टेंट की ओर से तैयार प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति के लिए सक्षम स्तर पर भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद अगले 6 महीने में काम पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है।इन दोनों मॉडल रोड परियोजनाओं से नोएडा में यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ प्रमुख मार्गों की तस्वीर बदलने और नागरिक सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है।

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