लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के रायबरेली दौरे के दौरान शहर में राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया है। जगह-जगह लगे बड़े-बड़े बैनरों ने न सिर्फ आम जनता का ध्यान खींचा, बल्कि सियासी गलियारों में भी चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। इन पोस्टरों में राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को INDIA गठबंधन का “कप्तान” बताया गया है।
2027 और 2029 को लेकर स्पष्ट संदेश
बैनरों में साफ तौर पर यह संदेश उभारा गया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए राहुल गांधी और अखिलेश यादव को INDIA गठबंधन का नेतृत्वकर्ता माना जा रहा है। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन पोस्टरों का उद्देश्य आगामी चुनावी लड़ाई से पहले समर्थकों में उत्साह और एकजुटता का संदेश देना है।
क्रिकेटर के रूप में पेश किए गए नेता
इन बैनरों की सबसे खास बात यह है कि दोनों नेताओं को क्रिकेटर के अवतार में दिखाया गया है। हाथ में बल्ला, मैदान जैसा बैकग्राउंड और जीत की प्रतीकात्मक तस्वीरों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि INDIA गठबंधन चुनावी मैदान में पूरी मजबूती से उतरने को तैयार है। युवाओं के बीच यह अंदाज खासा लोकप्रिय बताया जा रहा है।
PDA के ‘रक्षक’ के रूप में छवि
पोस्टरों में राहुल गांधी और अखिलेश यादव को PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्गों का “रक्षक” भी बताया गया है। संदेश साफ है कि INDIA गठबंधन इन सामाजिक वर्गों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है।
स्थानीय नेताओं की भूमिका
इन बैनरों में सपा लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव राहुल निर्मल बागी की तस्वीर भी शामिल है। उनका कहना है कि राहुल गांधी का रायबरेली से पुराना और गहरा रिश्ता रहा है, वहीं अखिलेश यादव के साथ उनकी जोड़ी आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर सकती है। राहुल गांधी के दौरे से पहले लगे ये पोस्टर रायबरेली में सियासी माहौल को और अधिक गरमाते नजर आ रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह संदेश आने वाले चुनावी समीकरणों को किस दिशा में मोड़ देता है।

