UP News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर–जापान दौरे को लेकर तीखा व्यंग्य किया है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर न सिर्फ विदेश दौरे पर सवाल उठाए, बल्कि केंद्र और राज्य नेतृत्व के रिश्तों को लेकर भी तंज कसा।
सोशल मीडिया पोस्ट में क्या बोले अखिलेश
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा- “टोक्यो जाने वाले अगर चाहते तो बुलेट ट्रेन पकड़कर क्योटो भी हो आते और ‘प्रधान इच्छा’ की पूर्ति के लिए थोड़ा अनुभव ले आते, लेकिन इस तरह कन्नी काटकर आना अच्छी बात नहीं। देश के अंदर का दुराव विदेश की धरती पर जाकर भी निभाना कोई भाजपाइयों से सीखे।” उन्होंने इशारों-इशारों में यह भी कहा कि भाजपा नेताओं के आपसी मतभेद देश के बाहर जाकर भी नजर आ जाते हैं।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य पर भी टिप्पणी
अखिलेश यादव ने इस पोस्ट में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के विदेश दौरे को लेकर भी चुटकी ली। उन्होंने लिखा कि जर्मनी जाने के बाद भी वहां का चर्चित ‘साइकिल हाईवे’ नहीं देखा गया और न ही मर्सिडीज म्यूजियम। गौरतलब है कि उसी दौरान केशव मौर्य जर्मनी और ब्रिटेन दौरे पर गए थे, लेकिन ब्रिटेन का वीजा न मिलने के कारण उन्हें जर्मनी से ही वापस लौटना पड़ा।
क्योटो मॉडल और वाराणसी का जिक्र
सपा अध्यक्ष का तंज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस पुराने वादे से भी जुड़ा माना जा रहा है, जिसमें वाराणसी को जापान के क्योटो की तर्ज पर विकसित करने की बात कही गई थी। अखिलेश यादव पहले भी दावा कर चुके हैं कि केंद्र और राज्य के बीच तालमेल की कमी के कारण वाराणसी जैसे शहरों में मेट्रो जैसी परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
राजनीतिक संदेश
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अखिलेश यादव का यह बयान केवल विदेश दौरे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए वह भाजपा के भीतर कथित मतभेदों और केंद्र–राज्य संबंधों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अपने व्यंग्यात्मक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले सपा प्रमुख ने एक बार फिर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।

