लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में TechSangam अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित सम्मेलन के दूसरे दिन के कार्यक्रमों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने तकनीक आधारित विकास, शिक्षा, रोजगार और उद्योगों के बीच सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
LexQ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का हुआ शुभारंभ
सम्मेलन के दौरान क्वांटम फॉरेंसिक्स और विधिक अनुपालन से संबंधित LexQ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विशेषज्ञता को प्रोत्साहित करना है। तकनीकी प्रगति के इस दौर में फॉरेंसिक विज्ञान और कानूनी प्रक्रियाओं में नए समाधानों का विकास महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह पहल इन क्षेत्रों में ज्ञान और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है।
AI In Construction पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम में ‘AI In Construction’ पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इसमें निर्माण क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता और तकनीक आधारित समाधानों की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। निर्माण उद्योग में AI का इस्तेमाल परियोजनाओं की योजना बनाने, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हो सकता है।
शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए हुए समझौते
TechSangam सम्मेलन के दौरान विभिन्न संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान भी किया गया। इन समझौतों का उद्देश्य फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त प्रमाणन कार्यक्रम, शोध गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक अनुभव के अवसरों को बढ़ाना है। इस तरह की साझेदारी से शिक्षण संस्थानों, शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच सहयोग को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
निवेश, रोजगार और उद्योग सहयोग पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अनुसंधान, नवाचार, निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। सम्मेलन में उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने तथा विश्वस्तरीय शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई गई। TechSangam जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, उद्योग प्रतिनिधियों और निवेशकों को एक मंच पर लाने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे उत्तर प्रदेश में नई तकनीकों के विकास, कौशल निर्माण और रोजगार सृजन की संभावनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

