सोनभद्र। कम्पोजिट विद्यालय दुद्धी में मंगलवार को उप जिलाधिकारी (एसडीएम) अशोक कुमार गुप्ता ने औचक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक और व्यवस्थागत स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने साफ-सफाई, शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति, पठन-पाठन, बैठने की व्यवस्था तथा मध्यान्ह भोजन समेत कई बिंदुओं की जांच की।
किचन और मध्यान्ह भोजन व्यवस्था का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने विद्यालय के किचन का भी निरीक्षण किया और बच्चों के लिए तैयार किए जाने वाले मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था को देखा। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता को लेकर आवश्यक जानकारी ली और व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। एसडीएम ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से विद्यालय में मिलने वाली शिक्षा, पढ़ाई के दौरान आने वाली परेशानियों और उनकी आवश्यकताओं के संबंध में भी चर्चा की।
पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं पर दिए निर्देश
विद्यालय में विद्यार्थियों की पढ़ाई से संबंधित कुछ समस्याओं से खंड शिक्षा अधिकारी और प्रधानाचार्य ने एसडीएम को अवगत कराया। एसडीएम ने संबंधित विषयों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
बच्चों के साथ बैठकर खाया मध्यान्ह भोजन
निरीक्षण के दौरान एसडीएम अशोक कुमार गुप्ता ने बच्चों के साथ फर्श पर बैठकर मध्यान्ह भोजन किया। इस दौरान उन्होंने भोजन की गुणवत्ता का स्वयं परीक्षण किया। अधिकारी के इस सहज व्यवहार की विद्यालय के शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने सराहना की।
412 में से 367 विद्यार्थी मिले उपस्थित
जांच के दौरान विद्यालय में कुल 412 छात्र-छात्राओं का नामांकन दर्ज पाया गया, जबकि 367 विद्यार्थी उपस्थित मिले। एसडीएम ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति के साथ-साथ भोजन, किचन, स्वच्छता और विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।
नियमित निरीक्षण से व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद
स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालयों में नियमित रूप से अधिकारियों का निरीक्षण होने से व्यवस्थाओं में सुधार आएगा। खास तौर पर अधिकारियों द्वारा बच्चों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की जांच किए जाने से भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। एसडीएम द्वारा बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने और विद्यालय की व्यवस्थाओं को नजदीक से देखने के कदम की स्थानीय स्तर पर विशेष रूप से सराहना की गई। निरीक्षण के दौरान शिक्षक शैलेश मोहन, जितेंद्र चौबे, तत्सत त्रिपाठी सहित अन्य शिक्षक और अभिभावक मौजूद रहे।

