कानपुर स्थित हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (HBTU) का आठवां दीक्षांत समारोह उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को 1071 उपाधियां प्रदान कीं, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 47 विद्यार्थियों को पदक से सम्मानित किया गया। पदक प्राप्त करने वालों में 28 छात्र और 19 छात्राएं शामिल रहीं।
विकसित भारत-2047 के लिए तकनीकी नवाचार पर दिया जोर
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने तकनीकी विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहें, बल्कि रोजगार सृजन करने वाले और समाज की समस्याओं का समाधान करने वाली तकनीक विकसित करने वाले इंजीनियर बनें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, डेटा साइंस, हरित ऊर्जा और डिजिटल नवाचार का दौर है। ऐसे में युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे अपने ज्ञान और कौशल के माध्यम से विकसित भारत-2047 के निर्माण में योगदान दें।
डिजिटल तकनीक और आत्मनिर्भर भारत पर चर्चा
राज्यपाल ने कहा कि डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और नवाचार आधारित योजनाएं देश की प्रगति की मजबूत नींव हैं। डिजिटल सेवाओं ने शासन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाई है और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि सहित कई क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा की हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से डिजिलॉकर जैसी डिजिटल सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।
300 आंगनबाड़ी केंद्रों को मिली किट, 600 बालिकाओं का हुआ HPV टीकाकरण
कार्यक्रम के दौरान जनपद उन्नाव के 300 आंगनबाड़ी केंद्रों को किट वितरित की गईं। इसके साथ ही 600 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण भी कराया गया। राज्यपाल ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, विद्यार्थियों और टीकाकरण अभियान से जुड़े अधिकारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया।
छात्राओं की तकनीकी शिक्षा में भागीदारी बढ़ाने पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी बढ़ना जरूरी है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर तकनीकी क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करें और देश का गौरव बढ़ाएं।
विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर के निरीक्षण में सामने आई कमियों को एक से दो माह के भीतर दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्रावासों में आवश्यक सुविधाएं विकसित करने, आरओ व्यवस्था, वॉशिंग एरिया, रसोईघर और विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी संस्थानों के भवनों का निर्माण उपयोगकर्ताओं की जरूरतों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए अभियंताओं को दी सीख
राज्यपाल ने भविष्य के अभियंताओं को सलाह दी कि वे किसी भी परियोजना की योजना बनाते समय दीर्घकालिक सोच रखें। उन्होंने कहा कि सड़क, भवन और अन्य संरचनाओं का निर्माण केवल वर्तमान जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के दूरदर्शी नियोजन दृष्टिकोण का उदाहरण देते हुए अभियंताओं को गुणवत्ता, समयबद्धता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।
नए भवनों का हुआ लोकार्पण, शिक्षकों और विद्यार्थियों का सम्मान
समारोह में राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के नवीन भवनों का लोकार्पण किया और विद्यार्थियों के लिए वाहन सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने उत्कृष्ट शिक्षकों, प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों और बेहतर कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने पर्यावरण और देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।
कुलपति ने गिनाईं विश्वविद्यालय की उपलब्धियां
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर समशेर ने संस्थान की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। समारोह में प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा डॉ. एम.के.एस. सुंदरम, विश्वविद्यालय के अधिकारी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, शिक्षक, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

