दादरी: उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर गांधी जयंती-2026 के अवसर पर विद्यालयों में बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में भारतीय आदर्श वैदिक बालिका इंटर कॉलेज, दादरी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
छात्राओं को POCSO एक्ट की दी जानकारी
शिविर की अध्यक्षता सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रभात कुमार ने की। प्रार्थना सभा के दौरान छात्राओं को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act) के प्रमुख प्रावधानों के बारे में बताया गया। छात्राओं को समझाया गया कि कानून के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को विशेष कानूनी संरक्षण प्राप्त है। उन्हें किसी भी प्रकार के यौन शोषण और अनुचित व्यवहार से बचाव के लिए अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी रखना जरूरी है।
गुड टच और बैड टच को लेकर किया जागरूक
कार्यक्रम में छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाया गया। उन्हें बताया गया कि अगर किसी परिस्थिति में वे असहज या असुरक्षित महसूस करें तो चुप रहने के बजाय भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। छात्राओं को अभिभावकों, शिक्षकों और पुलिस से सहायता लेने के लिए भी प्रेरित किया गया। साथ ही किसी परेशानी या खतरे की स्थिति में उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी दी गई।
जरूरी हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
शिविर के दौरान छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, डायल 112 और नालसा हेल्पलाइन 15100 के बारे में बताया गया। उन्हें समझाया गया कि जरूरत पड़ने पर इन माध्यमों से सहायता प्राप्त की जा सकती है।
नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश
सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रभात कुमार ने विद्यालय में समय-समय पर POCSO एक्ट और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा पर ध्यान देने के साथ आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
शिक्षक और छात्राओं ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधक बलवीर सिंह आर्य, प्रधानाचार्या अमरेश चपराना, शिक्षिकाएं, पीएलवी रोहताश एवं राहुल गौतम, डीएलएसए के वरिष्ठ सहायक सहित विद्यालय की बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। शिविर के माध्यम से छात्राओं को कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सहायता के उपलब्ध साधनों की जानकारी दी गई।

