उत्तर प्रदेश की दुद्धी विधानसभा (403) से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक विजय सिंह गोंड का गुरुवार (8 जनवरी) को निधन हो गया। वह लंबे समय से गंभीर किडनी रोग से पीड़ित थे और लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में इलाज चल रहा था। चिकित्सकों के अनुसार उनकी दोनों किडनियां खराब थीं। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही दुद्धी विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे सोनभद्र जनपद में शोक की लहर दौड़ गई।
फेसबुक पोस्ट में भावुक संदेश, कनहर नदी घाट पर अंतिम संस्कार
विजय सिंह गोंड के आधिकारिक फेसबुक पेज से उनके निधन की पुष्टि करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया गया। पोस्ट में लिखा गया कि “दुद्धी की धरती आज शोक में डूबी हुई है। हमने एक ऐसे जननेता को खो दिया है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, वंचितों और आदिवासी समाज की आवाज बनकर जिया।” साथ ही यह भी बताया गया कि उनका अंतिम संस्कार कनहर नदी घाट पर किया जाएगा। संदेश में उन्हें सरल, संघर्षशील और जन-जन का नेता बताया गया।
आठ बार विधायक रहे, आदिवासी समाज की मजबूत आवाज
विजय सिंह गोंड उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे अनुभवी और जमीनी नेताओं में शामिल रहे। उन्होंने कुल आठ बार विधायक का चुनाव जीतकर दुद्धी विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2024 के उपचुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी श्रवण सिंह गौड़ को हराकर शानदार वापसी की। विभिन्न राजनीतिक दलों से चुनाव जीतने के बावजूद उनकी पहचान हमेशा एक जननेता के रूप में बनी रही, जिनका जनता से सीधा और भरोसेमंद रिश्ता था।
अखिलेश यादव ने जताया गहरा शोक
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विजय सिंह गोंड के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “दुद्धी से सपा विधायक श्री विजय सिंह गोंड जी का निधन अत्यंत दुःखद है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति दें।” अस्पताल पहुंचने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि विजय सिंह गोंड ने जीवन भर आदिवासी भाई-बहनों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और पार्टी ने एक मजबूत जमीनी नेता खो दिया है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल है।
राजनीतिक सफर रहा लंबा और संघर्षपूर्ण
विजय सिंह गोंड का राजनीतिक सफर करीब चार दशक से भी अधिक लंबा रहा। उन्होंने 1980 में कांग्रेस से विधायक बनकर राजनीति में कदम रखा। इसके बाद कांग्रेस, जनता दल, निर्दल और समाजवादी पार्टी सहित विभिन्न दलों से चुनाव जीतते रहे। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में वह राज्यमंत्री भी रह चुके थे। दुर्गम और आदिवासी बहुल दुद्धी क्षेत्र की समस्याओं को वह गहराई से समझते थे, इसी कारण आदिवासी समाज में उनकी गहरी पैठ थी।
आज पंचतत्व में विलीन होंगे दुद्धी के राजनीतिक पुरोधा
समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष अवध नारायण यादव ने जानकारी दी कि शुक्रवार को दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के कटौली गांव स्थित उनके निवास स्थान के श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में आमजन, समर्थक और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल होकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देंगे। विजय सिंह गोंड का जाना दुद्धी ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

