सिंगापुर/लखनऊ, 23 फरवरी। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के सिंगापुर दौरे का दूसरा दिन भी उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि लेकर आया। एविएशन सर्विस सेक्टर की दिग्गज कंपनी AISATS ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत कंपनी गौतमबुद्ध नगर स्थित Noida International Airport (जेवर एयरपोर्ट) पर दो बड़े प्रोजेक्ट्स स्थापित करेगी, जिनमें कुल ₹4,458 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
जेवर एयरपोर्ट पर बनेगा नॉर्थ इंडिया का आधुनिक कार्गो हब
एमओयू के अनुसार, AISATS जेवर एयरपोर्ट परिसर में एक अत्याधुनिक कार्गो कैंपस का निर्माण करेगी। यह कार्गो कैंपस उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना से इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कृषि उत्पाद और एक्सपोर्ट-इंपोर्ट सेक्टर को बड़ा लाभ मिलेगा। मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित हो रहा जेवर एयरपोर्ट इस कार्गो कैंपस को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक रणनीतिक हब के रूप में स्थापित करेगा।
विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन की होगी स्थापना
एमओयू के दूसरे महत्वपूर्ण हिस्से के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक आधुनिक एयर कैटरिंग किचेन स्थापित की जाएगी। यह किचेन जेवर एयरपोर्ट से संचालित उड़ानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराएगी। खास बात यह है कि यहां तैयार किया गया भोजन केवल जेवर एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे उत्तर भारत के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर इसकी सप्लाई की जाएगी। इससे फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन और सप्लाई नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
सिंगापुर दौरे का रणनीतिक महत्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सिंगापुर दौरा वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स संभावनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से किया जा रहा है। दौरे के दूसरे दिन हुआ यह एमओयू राज्य के एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट के पूरी तरह चालू होने के साथ यह कार्गो कैंपस और एयर कैटरिंग सुविधा न केवल उत्तर भारत की आर्थिक तस्वीर बदलेंगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाएंगी।

