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मेरठ में बारिश से लालकुर्ती जलमग्न, घरों में घुसा पानी; विधायक अमित अग्रवाल और कैंट CEO जाकिर हुसैन ने किया निरीक्षण

मेरठ में बारिश से लालकुर्ती जलमग्न, घरों में घुसा पानी

मेरठ में बारिश से लालकुर्ती जलमग्न, घरों में घुसा पानी

मेरठ। लगातार हो रही बारिश ने मेरठ के कैंट क्षेत्र स्थित लालकुर्ती इलाके में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारी जलभराव के कारण कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जबकि कई घरों में पानी घुसने से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। घरों में पानी भरने से लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

घरों में घुटनों तक पानी, लोगों की बढ़ी परेशानी

बारिश के बाद लालकुर्ती क्षेत्र के कई मोहल्लों में घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। कई घरों में घरेलू सामान पानी में डूब गया, जिससे आर्थिक नुकसान भी हुआ। सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की यही समस्या सामने आती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

मौके पर पहुंचे विधायक अमित अग्रवाल और कैंट CEO जाकिर हुसैन

जलभराव की सूचना मिलने पर मेरठ कैंट के विधायक अमित अग्रवाल और कैंट बोर्ड के CEO जाकिर हुसैन मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।

 

बेगमपुल नाला खोलने के दिए निर्देश

निरीक्षण के दौरान विधायक अमित अग्रवाल और CEO जाकिर हुसैन ने संबंधित अधिकारियों को बेगमपुल नाले को तत्काल खोलने और जल निकासी की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि युद्धस्तर पर पानी निकासी का कार्य कराया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द लोगों को राहत मिल सके।

स्थायी समाधान की उठी मांग

बार-बार जलभराव की समस्या से परेशान स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि हर बारिश में एक जैसी स्थिति बनने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है और अब इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

प्रशासन के दावों पर टिकी लोगों की नजर

फिलहाल प्रशासन ने जल्द जल निकासी का भरोसा दिया है, लेकिन जब तक पानी पूरी तरह नहीं निकलता, तब तक लालकुर्ती क्षेत्र के लोगों की परेशानियां बनी रहेंगी। अब देखना होगा कि प्रशासन के निर्देश कितनी जल्दी जमीनी स्तर पर असर दिखाते हैं।

 

रिपोर्ट –  गौरव चौधरी

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