लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि जारी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में 148 करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि का अंतरण किया। सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों की पढ़ाई में आर्थिक बाधाओं को कम करना और छात्रवृत्ति वितरण को समयबद्ध बनाना है।
चार वर्गों के विद्यार्थियों को मिला लाभ
जारी आंकड़ों के मुताबिक, छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि अलग-अलग वर्गों के विद्यार्थियों को दी गई है। इनमें पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
पिछड़ा वर्ग: 2,23,615 विद्यार्थियों को करीब 60.01 करोड़ रुपये
अनुसूचित जाति: 1,59,959 विद्यार्थियों को करीब 64.54 करोड़ रुपये
सामान्य वर्ग: 38,084 विद्यार्थियों को करीब 11.43 करोड़ रुपये
अल्पसंख्यक वर्ग: 38,901 विद्यार्थियों को करीब 12.06 करोड़ रुपये
छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली को किया गया ऑटोमेटेड
सरकार की ओर से छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑटोमेशन से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य पात्र विद्यार्थियों की पहचान से लेकर राशि उनके बैंक खातों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध बनाना है।
2025-26 में 65.95 लाख से अधिक छात्रों को लाभ
सरकार के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 65.95 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया गया है। इस अवधि में विद्यार्थियों के लिए 4,793 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध कराई गई है।
विद्यार्थियों को समय पर सहायता पहुंचाने पर जोर
छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। सरकार का कहना है कि ऑनलाइन और ऑटोमेटेड व्यवस्था से वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।

