गोरखपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रदेश के 81 शिक्षकों को सम्मानित करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 5 सितंबर को गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में चयनित शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार 2025 और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार 2025 प्रदान करेंगे।
5 सितंबर को गोरखपुर में होगा सम्मान समारोह
शिक्षक दिवस पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से चयनित शिक्षक शामिल होंगे। शिक्षकों के सम्मान और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें गोरखपुर में विशिष्ट अतिथियों की तरह ठहराने की व्यवस्था की गई है। सरकार का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करना और उनके प्रयासों को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाना है।
बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के शिक्षक होंगे सम्मानित
राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 15 शिक्षकों का चयन किया गया है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग के पांच शिक्षकों को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। चयनित शिक्षकों में कुल 33 शिक्षिकाएं शामिल हैं। इनमें बेसिक शिक्षा की 31 और माध्यमिक शिक्षा की 2 शिक्षिकाएं हैं।
नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को मिला महत्व
पुरस्कार के लिए ऐसे शिक्षकों का चयन किया गया है, जिन्होंने शिक्षण कार्य के साथ विद्यालय प्रबंधन, नवाचार और विद्यार्थियों के समग्र विकास के क्षेत्र में प्रभावी योगदान दिया है। सरकार का मानना है कि उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान अन्य शिक्षकों को भी बेहतर शिक्षण पद्धतियों को अपनाने और विद्यार्थियों के विकास के लिए नए प्रयास करने के लिए प्रेरित करेगा।
पुरस्कार के साथ मिलेंगी विशेष सुविधाएं
राज्य स्तरीय अध्यापक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह के साथ 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त सम्मानित शिक्षकों को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में जीवनभर प्रत्येक वर्ष 4,000 किलोमीटर तक निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। राज्य स्तरीय पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु में भी दो वर्ष की वृद्धि का प्रावधान है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों से चुने गए शिक्षक
सम्मान के लिए चयनित शिक्षकों में आगरा, अमरोहा, बहराइच, बलरामपुर, भदोही, बिजनौर, बदायूं, बुलंदशहर, फर्रुखाबाद, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हरदोई, हाथरस, झांसी, कन्नौज, कानपुर, कौशाम्बी, लखनऊ, मैनपुरी, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, रामपुर, श्रावस्ती, सोनभद्र, उन्नाव, वाराणसी सहित प्रदेश के अनेक जिलों के शिक्षक शामिल हैं। माध्यमिक शिक्षा के चयनित शिक्षकों में प्रधानाचार्य, भाषा, गणित, विज्ञान, मानविकी, वाणिज्य और कला विषयों के शिक्षक शामिल हैं। मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए लखीमपुर खीरी, प्रयागराज, झांसी, गाजियाबाद और बरेली के शिक्षकों का चयन किया गया है।
शिक्षक सम्मान से बढ़ेगा शिक्षा के प्रति उत्साह
शिक्षक दिवस पर होने वाला यह सम्मान समारोह शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के योगदान को पहचान देने के साथ-साथ प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार को प्रोत्साहित करने का माध्यम बनेगा। सरकार की ओर से उम्मीद है कि ऐसे सम्मान से शिक्षकों में बेहतर कार्य करने का उत्साह बढ़ेगा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी।

