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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुनकरों और शिल्पकारों की प्रदर्शनी का किया अवलोकन

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुनकरों और शिल्पकारों की प्रदर्शनी का किया अवलोकन

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुनकरों और शिल्पकारों की प्रदर्शनी का किया अवलोकन

लखनऊ में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर जन भवन में आयोजित हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी का उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने अवलोकन किया। नाबार्ड के सहयोग से आयोजित इस प्रदर्शनी में प्रदेश के 13 जिलों के बुनकरों और शिल्पकारों ने अपने पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन किया।

पारंपरिक कला और उत्पादों की राज्यपाल ने की सराहना

प्रदर्शनी में बागपत, वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर, बाराबंकी, आजमगढ़, कानपुर, लखनऊ, फर्रुखाबाद, लखीमपुर खीरी, बिजनौर, हापुड़ और उन्नाव के बुनकरों एवं शिल्पकारों ने हिस्सा लिया। राज्यपाल ने हस्तनिर्मित वस्त्रों और कलात्मक उत्पादों की गुणवत्ता एवं पारंपरिक शिल्पकला की सराहना करते हुए प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।

बुनकरों से संवाद कर जानी समस्याएं और विपणन व्यवस्था

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रदर्शनी में शामिल बुनकरों और शिल्पकारों से बातचीत की। उन्होंने उनके उत्पादों की बिक्री, बाजार उपलब्धता, विपणन व्यवस्था और आजीविका से जुड़े विषयों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कारीगरों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना आवश्यक है।

हस्तशिल्प विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में हो रहा कार्य

राज्यपाल ने कहा कि बुनकरों और शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत करने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हस्तशिल्प विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में कार्य चल रहा है, जिससे कारीगरों और उनके बच्चों को शिक्षा एवं कौशल विकास का लाभ मिल सकेगा।

हस्तशिल्पियों को मिला सम्मान, बढ़ा स्थानीय कला का गौरव

राज्यपाल ने बताया कि राज्य विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में 17 हस्तशिल्पियों को डी.लिट. की मानद उपाधि प्रदान की गई है। इससे स्थानीय कला और पारंपरिक शिल्प को नई पहचान मिली है तथा कारीगरों का सम्मान बढ़ा है।

ग्रीन आर्मी की महिलाओं के प्रयासों की सराहना

राज्यपाल ने पूर्वांचल क्षेत्र में ग्रीन आर्मी से जुड़ी करीब 2500 महिलाओं के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि ये महिलाएं पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन के लिए परित्यक्त कपड़ों का उपयोग कर बैग और अन्य उपयोगी वस्तुएं तैयार कर रही हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि के साथ आत्मनिर्भरता भी बढ़ी है।

 

कारीगरों को नए बाजार अवसरों से जुड़ने का आह्वान

राज्यपाल ने बुनकरों और शिल्पकारों से कहा कि वे जन भवन में आयोजित होने वाली वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी सहित अन्य आयोजनों में अपने उत्पादों का प्रदर्शन करें। इससे उनके उत्पादों को अधिक लोगों तक पहुंचाने और नए बाजार अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

क्राफ्ट्स रूट्स संस्था कर रही महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य

इस अवसर पर क्राफ्ट्स रूट्स संस्था की संस्थापक श्रीमती अनारबेन पटेल ने बताया कि संस्था देशभर में लगभग 75 हजार महिलाओं को हस्तशिल्प और आजीविका गतिविधियों से जोड़ने का कार्य कर रही है। संस्था द्वारा कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और उत्पादों के विपणन में सहयोग दिया जा रहा है।

नाबार्ड और विभागीय अधिकारियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार, महाप्रबंधक डॉ. नंदिनी घोष, उप महाप्रबंधक राजेश कुमार सिंह सहित संस्था के पदाधिकारी, बुनकर और शिल्पकार उपस्थित रहे।

 

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