कानपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के अहिरवां में पशुओं के साथ कथित क्रूरता का मामला सामने आया। एक DCM वाहन में 30 से अधिक पशुओं को बेहद तंग स्थिति में ले जाए जाने की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने वाहन को रोक लिया। पशुओं की स्थिति देखकर मौके पर लोगों में नाराजगी फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तिरंगा रैली में शामिल लोग जब अहिरवां चौराहे से गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर DCM में लदे पशुओं पर पड़ी। वाहन में अत्यधिक भीड़ होने के कारण कई पशु एक-दूसरे के ऊपर गिरे हुए थे। कुछ पशुओं के घायल होने की बात भी सामने आई।
परिवहन दस्तावेजों को लेकर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने वाहन चालक से पशुओं के परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे। आरोप है कि चालक के पास पशुओं को ले जाने की आवश्यक अनुमति और स्वास्थ्य प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं था। इसी बात को लेकर मौके पर चालक और लोगों के बीच कहासुनी भी हुई। घटना की जानकारी फैलने के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस और पशु विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही चकेरी पुलिस और पशु विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने DCM को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया। वाहन से पशुओं को बाहर निकालकर उन्हें अस्थायी शेल्टर में भेजा गया। पशु चिकित्सकों की टीम ने पशुओं का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण भी किया, ताकि उनकी स्थिति का आकलन किया जा सके।
पशु क्रूरता और परिवहन नियमों के तहत कार्रवाई
चकेरी क्षेत्र के पुलिस अधिकारी के अनुसार मामले में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, परिवहन नियमों और मोटर वाहन कानून के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस द्वारा वाहन चालक और मालिक की भूमिका की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय पर्व के दिन पशुओं के साथ इस तरह का व्यवहार गंभीर मामला है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

